मूल सब्जियों में से गाजर एक ऐसी सब्जी है जो कि सब्जी में इस्तेमाल के अलावा कच्ची भी खाई जाती है तथा इसका मुरब्बा, आचार तथा हलवा भी बनाया जाता है। इसका जूस निकाल कर पीने से काफी फायदा मिलता है। शरीर में ताकत आती है। शरीर सुंदर तथा सेहतमंद रहता है। गाजर को चबा कर खाने से दांत स्वच्छ और मजबूत बनते हैं।गाजर में विटामिन ए,बी,सी,डी,ई तथा जी भी अच्छी मात्रा में मिलता है मगर गाजर में विटामिन बी, विटामिन ए तथा विटामिन सी तुलनात्मक रूप से बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसी कारण गाजर आंखों की रोशनी के लिए बहुत फायदेमंद है। गाजर एक ऐसा संतुलित तथा पौष्टिक आहार है जो बू़ढों, बच्चों तथा नवयुवकों के अलावा गर्भवती महिलाओं, सभी के लिए हितकारी है। आयुर्वेदानुसार गुणकारी गाजर चम़डी के रंग को निखारती है तथा खुश्की को दूर करने का गुण रखती है। गाजर दिल-दिमाग को ताकत देती है तथा फेफ़डों की बलगम को साफ करती है। कहा जाता है कि गाजर में अनेकों बीमारियों को रोकने के तत्व तथा गुण मौजूद रहते हैं। यदि इसे नित्यप्रति खुराक का एक हिस्सा बना लिया जाए तो अनेकों बीमारियों के आक्रमण से बचा जा सकता है। यूं तो गाजर चाहे ताकत से भरपूर है मगर इसके उपयोग से मोटापा भी कम किया जा सकता है। मोटापा कम करने के लिए सुबह निर्जल १०० ग्राम गाजर तथा १०० ग्राम सेब को छिलके समेत ही खाना गुणकारी बताया गया है।पेट के की़डों के लिए यदि गाजर का रस लगातार एक माह पिया जाए तो पेट के की़डों से आराम मिलता है। यदि गाजर की सब्जी पूरा एक माह खाई जाए तो पेट में की़डे पैदा ही नहीं होते। गाजर के रस में काली मिर्च तथा मिश्री का चूर्ण मिलाकर पीने से जहां यह एक अच्छे टॉनिक का काम करती है, इससे खांसी में भी आराम मिलता है।गाजर में इन्सुलिन जैसे तत्व तथा टाकोकीलिन नाम के हार्मोन पाए जाते। शुगर के मरीजों के लिए चीनी जहां नुकसानदेह है वहीं गाजर की चीनी गुणकारी है। गाजर में एंटीसैप्टिक गुण भी मौजूद हैं जिस कारण शरीर में रोगी कीटाणुओं का प्रवेश रुकता है तथा जख्म शीघ्र भरते हैं। इस तरह कुल मिलाकर गाजर एक अच्छी सब्जी है जिसका उपयोग कई तरह से करके इससे मिलने वाले गुणों का भरपूर फायदा उठाया जा सकता है।