गर्मी और बारिश के मौसम में अक्सर लोगों की त्वचा में संक्रमण होने का खतरा रहता है। हानिकारक बैक्टीरिया की वजह फो़डे-फुंसी की समस्या हो जाती है जो काफी दर्दकारक होती है। तो अगर आप भी फो़डे-फुंसी की समस्या से जूझ रहे हैं तो आपको कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं है। आप अपने घर के किचन में जाइए और वहां रखा करेला लीजिए और उसका इस्तेमाल कीजिए। इससे आपकी समस्या का ज़ड से समाधान होगा।ॅष्ठफ्ष्ठ ·र्ैंद्यष्ठ्र ट्ठर्‍·र्ैंअगर आपकी स्किन में कहीं फो़डे-फुंसी हैं, तो आप करेले की ज़ड को घिसकर फो़डे या घाव वाली जगह लगा लें। इससे कुछ ही दिनों में फो़डा ठीक हो जाएगा। अगर करेले की ज़ड ना मिले तो करेले के पत्ते को पीसकर थो़डा गर्म करके पट्टी में बांधकर घाव पर लगा दें, इससे पस निकल जाएगा और घाव में होने वाले दर्द में भी आराम मिलेगा।…ृय्स्द्य द्नर्‍ ब्स्र ·र्ैंद्यष्ठध्ष्ठ ·र्ष्ठैं र्ड्डैंय्द्भख्रष्ठ८ करेले का जूस और फल के अलावा इसकी पत्तियां भी फायदेमंद होती है। इसका सेवन करने से पेट संबंधी समस्या दूर होती है। ८ इससे पथरी की शिकायत भी दूर होती है। इसलिए नियमित रूप से इसका सेवन करना चाहिए। करेले के अलावा खाली पेट इसका जूस पीना फायदेमंद होता है। लेकिन, ताजे करेले के रस का ही सेवन करना चाहिए।८ करेला कान में होने वाले दर्द को भी दूर करता है। इसके रस की ४-४ बूंदें कान में डालते रहें, इससे कान दर्द में आराम मिलेगा।८ रोजाना एक गिलास करेले का जूस पीने से अग्नाशय का कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाएं नष्ट होती हैं। ऐसा इसलिए होता हैं क्यों कि करेले में मौजूद एंटी- कैंसर कॉम्पोनेंट्स अग्नाशय का कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं में ग्लूकोस का पाचन रोक देते हैं जिससे इन कोशिकाओं की शक्ति ख़त्म हो जाती हैं और ये ख़त्म हो जाती हैं। ८ भूख नहीं लगने से शरीर को पूरा पोषण नहीं मिल पाता है जिससे कि स्वास्थ्य से सम्बंधित परेशानियां होती हैं। इसलिए करेले के जूस को रोजाना पीने से पाचन क्रिया सही रहती है जिससे भूख ब़ढती है।