कभी हाथ, कभी पैर और कभी सिर में बेवजह की कपकपी या झनझनाहट महसूस होना, किसी हल्की चीज को उठाने या कुछ लिखने में भी हाथ कांपना, अगर इनमें से एक भी परेशानी को आप नजरअंदाज कर रहे हैं तो सतर्क हो जाना जरूरी है। यह ट्रेमर रोग के लक्षण हैं, जिसका जल्द से जल्द उपचार करवाने में ही समझदारी है।द्भष्ठ ब्स्र ध्ूय्ह्लय्हाथ, पैर, सिर का लगातार कांपना।बोलते समय जीभ का कपकपाना।लिखते समय हाथों का कांपना।किसी भी चीज को सही ढंग से न पक़ड पाना।€द्भय् ब्स् ·र्ैंय्द्यह्लय्इस बीमारी का कारण हर व्यक्ति में अलग होता है। दिमाग के कुछ हिस्सों में न्यूरोट्रांसमीटर केमिकल होते हैं। यह केमिकल पूरे शरीर या किसी विशेष हिस्से की मांसपेशियों को नियंत्रित करते हैं। जब यह केमिकल लीक होने लगते हैं तो ट्रेमर नाम की समस्या सामने आती है। मांसपेशियों के असामान्य होने के कारण भी यह समस्या पैदा होती है। इसके अलावा अन्य कारणों, जैसे ज्यादा मात्रा में शराब पीना, लिवर का खराब हो जाना, पार्किंसन, थायरॉयड भी हो सकते हैं।द्मब्र्‍्र ब्स् ंध्य्ज्डॉक्टर्स की मानें तो ट्रेमर किसी बीमारी का नाम नहीं, बल्कि यह कई तरह की बीमारियों का लक्षण है। यह समस्या मस्तिष्क की संरचना में बदलाव होने के कारण होती है। शुरुआत में तो यह समस्या बहुत धीरे-धीरे दिखाई देती है, लेकिन अगर समय रहते इलाज न करवाया जाए तो यह गंभीर रूप ले सकती है। इसका पूरी तरह इलाज संभव नहीं है, लेकिन इसे काफी हद तक रोका जा सकता है।€द्भय् ब्स् ट्टुष्ठद्बद्य?ट्रेमर एक ऐसी समस्या है, जिसमें शरीर का कोई भी हिस्सा लगातार कांपता है। यह कंपन शरीर के किन्हीं भी एक या दो हिस्सों को प्रभावित करता है। मुख्य रूप से इसमें हाथ, पैर, सिर, चेहरा, आवाज प्रभावित होते हैं। शोध और अध्ययनों की मानें तो यह समस्या हाथों में ज्यादा पाई जाती है।