पेरिस/एएफपी। कोरोना वायरस को मात देने के लिए मलेरिया-रोधी दवा क्लोरोक्विन के इस्तेमाल की बात करने वाले विवादास्पद फ्रांसीसी प्रोफेसर डिडिएर राउल्ट ने दावा किया है कि उन्होंने जो नया अध्ययन किया है, वह वायरस को खत्म करने में इस दवा के ‘कारगर होने’ की पुष्टि करता है।

लेकिन कई अन्य वैज्ञानिकों और आलोचकों ने मार्सिले में ला टिमोन अस्पताल के संक्रामक रोग विभाग के प्रमुख व सूक्ष्मजीव विज्ञानी डिडिएर राउल्ट के शोध पर संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि परीक्षण उचित तरीके से नहीं किया गया।

डॉ. राउल्ट, जिनके सिद्धांत को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनाया है, ने कहा कि 80 रोगियों को लेकर किए गए उनके नए अध्ययन से पता चला है कि इस दवा के जरिए इलाज से पांच में से चार मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ।