मशीन से मास्क की सिलाई करती एक महिला
मशीन से मास्क की सिलाई करती एक महिला

टोरंटो/भाषा। आजकल विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर घर में मास्क बनाने का तरीका बताने वाले वीडियो की भरमार आई हुई है और ये वीडियो काफी फायदेमंद भी साबित हो सकते हैं।

एक नए अध्ययन के अनुसार, सूती कपड़े की कई परतों से बने मास्क छींकने या खांसने से पर्यावरण में गिरने वाले छींटों को अवरुद्ध कर सकते हैं, जिससे कोरोना वायरस फैलने का खतरा कम हो सकता है।

कनाडा में मैकमास्टर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने कहा कि विषाणु का सबसे अधिक संक्रमण बोलते, खांसते या छींकते हुए गिरने वाली छींटों से होता है और कुछ संक्रमण तब फैलता है जब इन कणों या छींटों से पानी वाष्पीकृत होकर एयरोसोल के आकार के कणों में बदलता है।

सूक्ष्म ठोस कणों अथवा तरल बूंदों के हवा या किसी अन्य गैस में कोलाइड को एरोसोल कहा जाता है। अध्ययन के अनुसार, मास्क पर रहने वाला विषाणु से संक्रमित हर कण एयरोसोल के रूप में हवा में लटका नहीं रहता या सतह पर नहीं गिरता जिससे कि बाद में सतह को छूने से संक्रमित होने की आशंका बने।

यह अध्ययन पत्रिका एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है। अध्ययनकर्ताओं ने हाल के आंकड़ों समेत कई सबूतों का विश्लेषण किया और पाया कि कपड़े से बने मास्क हवा और सतह के संपर्क में आने से होने वाले संक्रमण को कम कर सकते है।