स्वामी रामदेव
स्वामी रामदेव

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। कोरोना महामारी के बीच योगगुरु स्वामी रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद द्वारा तैयार की गई दवा ‘कोरोनिल’ काफी चर्चा में है। पहले इस पर विवाद भी हुआ लेकिन आखिरकार इसकी बिक्री की राह में आने वाली बाधाएं हट गईं।

सोशल मीडिया पर इस दवा की तस्वीरें खूब शेयर की जा रही हैं। इस दौरान आयुर्वेद की महानता के साथ ही इसमें व्यापक शोध का आह्वान किया जा रहा है ताकि प्राचीन ऋषियों के अध्ययन एवं अनुसंधान से समृद्ध हुआ यह विज्ञान पुन: संसार का कल्याण कर सके, खासतौर से ऐसे समय में जब कोरोना महामारी के कारण धरती पर लाखों लोग जान गंवा चुके हैं।

एक टीवी चैनल से बातचीत में स्वामी रामदेव ने बताया कि कोरोनिल दवा तीन के पैक में आती है और इसके निर्माण में तुलसी, गिलोय और अश्वगंधा का उपयोग किया गया है। ये शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती हैं और इनसे स्वास्थ्य को लाभ होता है।

रामदेव बताते हैं कि शरीर में प्रवेश करने के बाद कोरोना वायरस अपनी कॉपी तैयार करते हुए शृंखला बनाने लगता है। वे कहते हैं कि इस शृंखला को तोड़ने में कोरोनिल प्रभावी है। क्या जिन्हें कोरोना नहीं है वे भी कोरोनिल ले सकते हैं? इस पर योगगुरु कहते हैं कि हां, वे भी इस औषधि का सेवन कर सकते हैं।

स्वामी रामदेव सलाह देते हैं कि कोरोनिल के अतिरिक्त दूध में हल्दी, शिलाजीत और च्यवनप्राश का सेवन किया जा सकता है। इससे प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होगी। जिनकी प्रतिरोधक क्षमता बहुत कमजोर है, उन्हें इसका रोजाना सेवन करना चाहिए।

कोरोनिल कैसे मिले, इस पर रामदेव कहते हैं कि इसके लिए ऑर्डर मी एप जारी किया गया है। कोरोनिल आरोग्य केंद्रों पर उपलब्ध है। साथ ही जो लोग इसे लेने में असमर्थ हैं, उन्हें निशुल्क उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

स्वामी रामदेव ने कोरोनिल का सेवन करने की विधि के बारे में बताया कि इसकी दो-दो टेबलेट दिन में दो बार लें। इसके अलावा, श्वासारि वटी दिन में तीन बार तीन-तीन गोली लेनी है। दवा हमेशा गर्म पानी के साथ लेनी चाहिए। दवा का सेवन नाश्ता, दोपहर का खाना और रात के खाने के आधे घंटे बाद करना है।

यह मात्रा उन लोगों के लिए है जिनकी उम्र 15 से लेकर 80 साल तक है। यदि उम्र छह से 14 साल के बीच है तो उक्त दवा की आधी मात्रा का सेवन करना चाहिए। बता दें कि कोरोना की दवा के लिए विश्व के कई देशों में वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं।