नाजुक त्वचा पर मौसम की मार

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मारे शरीर की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है और मौसम के थपेड़े आसानी से बर्दाश्त नहीं कर पाती। हालांकि शरीर धीरे-धीरे अपने में प्रतिरोधक क्षमता प्राप्त ही कर लेता है लेकिन कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक अलग-अलग मौसम रहता हैं। कहीं गर्मी ज्यादा पड़ती है तो कहीं तापमान शून्य से नीचे चला जाता है। कहीं-कहीं तो मौसम चिपचिपा रहता है। इसलिए हर प्रकार के मौसम में पहले झटके को बर्दाश्त करने के लिए त्वचा को बचाने का विशेष प्रयास करना जरूरी होता है। हम यहां पर हर प्रकार के मौसम में त्वचा को सुरक्षित रखने के कुछ उपाय बता रहे हैं, जिनको आप भी आजमा सकते हैं।

  • सामान्य त्वचा वाले स्त्री या पुरुष को गर्मियों में हमेशा अपना चेहरा बेबी सोप और ठन्डे पानी से धोना चाहिए।
  • गर्मी के मौसम में तेलीय त्वचा और भी चिपचिपी हो जाती है अतः इन दिनों, अर्थात गर्मी के मौसम में किसी “औषधियुक्त साबुन का प्रयोग करना चाहिए और मेकअप करने से पहले आइस पैक लगाना चाहिए।
  • रुखी त्वचा गर्मी के दिनों में खिंची-खिंची सी लगती है, अतः इन दिनों त्वचा पर कोई भी हल्का-सा माइस्चराइजर लगाएं।
  • सर्दियों में रुखी त्वचा पर लकीरें-सी पड़ जाती हैं, अतः इन दिनों नीबू का रस, ग्लिसरीन और गुलाब जल को बराबर मात्रा में लेकर शरीर के खुले भाग पर सुबह-शाम लगाएं इससे त्वचा बेदाग भी रहेगी और कांतिमय होकर त्वचा का फटना भी रुक जाएगा।
  • चंदन के तेल में नारियल का तेल बराबर मात्रा में मिलाकर त्वचा पर लगाएं, दस मिनट बाद कुनकुने पानी से धो लें। खुश्क त्वचा में होने वाली खुश्की से राहत मिलेगी।
  • गुलाबी ठंडक में शरीर पर, खास-तौर से रुखी त्वचा पर नीबू, हल्दी व मलाई को रगड़ने से जहां एक ओर त्वचा में नमी आती है, वहीं त्वचा स्निग्ध भी हो जाती है।
  • त्वचा की खुश्की दूर करने के लिए गुलाब जल और जैतून का तेल बराबर मात्रा में लेकर उसमें थोड़ा-सा कच्चा दूध मिला लें। इसे त्वचा पर हल्के हाथों से मलें। दस मिनट बाद कुनकुने पानी से स्नान कर लें।
  • रुखी त्वचा होने पर सर्दियों में प्रतिदिन प्रातः स्नान के पश्चात बेबी ऑयल प्रयोग में लाएं।
  • सर्दियों में रुखी त्वचा पर संतरे के छिलके रगड़ने से न केवल शरीर में एक नई आभा आती है, अपितु शरीर में कसावट भी आती है।
  • रुखी त्वचा के लिए सर्दियों में सबसे कारगर उपाय है, धूप में प्रतिदिन जैतून के तेल या बादाम रोगन से मालिश करें एवं गुनगुने पानी से स्नान करें।
  • सर्दियों में तैलीय त्वचा के लिए विशेष प्रकार की देखभाल की आवश्यकता नहीं होती, फिर भी इन दिनों यदि चेहरे पर रात को गाजर व टमाटर का रस निकालकर चेहरे पर लगाया जाए तो चेहरे की अतिरिक्त चिकनाई खत्म होगी। सर्दियों में तैलीय त्वचा पर ऑयल-फ्री मॉइस्चराइजर लगाएं।
  • प्रातःकाल उठकर नहाने से आधा घंटा पूर्व धूप में बैठकर खाली हाथों से पूरे शरीर की मालिश करें। इससे शरीर का अतिरिक्त तेल निकल जाएगा और धीरे-धीरे प्राकृतिक रूप से ही चिकनाहट बनी रह जाएगी।
  • सर्दियों में सामान्य त्वचा की विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। इसके लिए बादामयुक्त मॉइस्चराइजर का प्रयोग करें। सामान्य त्वचा पर नीबू का प्रयोग भी अति लाभदायक सिद्ध होता है।
  • सर्दियों में भरपूर हरी सब्जी, फल, दूध, मेवों का भरपूर सेवन त्वचा का पोषण करता है एवं उसे आभायुक्त बनाता है। सर्दियों के मौसम में गाजर व पालक का जितना ज्यादा हो सके उतना उपयोग करें।
  • सर्दियों में सामान्य त्वचा के लिए बेसन, हल्दी, नीबू का रस व कच्चे दूध का पेस्ट बनाकर उसे त्वचा पर रगड़ना चाहिए और बाद में गुनगुने पानी से स्नान करना चाहिए।
  • गर्मियों के मौसम में त्वचा को धूप के संपर्क से बचाना चाहिए क्योंकि किसी भी प्रकार की त्वचा के लिए धूप की तेज किरणें अत्यंत नुकसानदायक होती हैं जो कम उम्र में ही अधिक उम्र जैसा बना देती हैं।
  • गर्मियों में रुखी त्वचा के लिए चेहरे पर दस मिनट लगाया गया शहद बहुत असरदार होता है।
  • नहाते समय चेहरे व पूरे शरीर में नमी बनाए रखने के लिए चार बूंद कोई भी खुशबू वाला हल्का तेल डालें । इससे त्वचा में दिन-भर नमी और ताजगी बनी रहेगी।
  • रुखी त्वचा वालों को इन दिनों बेबी मॉइस्चराइजर को प्रयोग में लाना बेहतर होता है।
  • गर्मियों में त्वचा पर लगाने के लिए ग्लिसरीन, नीबू, गुलाबजल को बराबर भाग में लेकर एक शीशी में मिलाकर रख लें। प्रतिदिन सुबह-शाम पूरी त्वचा पर लगाएं।
  • रुखी त्वचा चूंकि बेजान सी लगती है, अतः इन दिनों फलों एंव जूस का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए और सलाद भी भरपूर मात्रा में लेना चाहिए। त्वचा में सिकुड़न उत्पन्न न हो, इसके लिए स्नान करने से एक घंटा पूर्व माल्ट सिरका व बादाम का तेल मिलाकर शरीर पर लगाएं।
  • गर्मियों के मौसम में तैलीय त्वचा और भी तैलीय हो जाती है, क्योंकि इन दिनों तैलीय ग्रंथियां अधिक खिंची-खिंची-सी हो जाती हैं। अतः जिनकी त्वचा तैलीय हो, वे दिन में कम से कम चार बार किसी एंटीसेप्टिक साबुन से अपना चेहरा अवश्य धोएं।
  • गर्मियों में तरल पेय पदार्थों का प्रयोग अधिक करना चाहिए। गर्मियों में तैलीय त्वचा में पसीना अधिक आता है, अतः सुबह-शाम नियमित रूप से ठन्डे पानी से स्नान करें, बगलों में किसी अच्छे डिओडरेंट का प्रयोग करें तथा पूरे शरीर पर व टांगो के पीछे खुशबूदार पाउडर लगाएं। इससे दिन-भर ताजगी भी बनी रहेगी और पसीने की गंध से भी निजात मिलेगी।
  • तैलीय त्वचा वालों को धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लोशन अवश्य लगाना चाहिए।
  • त्वचा तैलीय हो और उस पर मुंहासे न हों तो यह एक असंभव-सी बात है, अतः मुंहासो से छुटकारा पाने के लिए बेसन, हल्दी, लाल चंदन का बारीक पाउडर बराबर भाग एवं सूखे संतरे व नीबू के छिलकों का बारीक पाउडर एक शीशी में बराबर मात्रा में मिलाकर रखें तथा मुल्तानी मिट्टी का बारीक चूर्ण भी मिलाएं। अब प्रतिदिन नहाते समय इस उबटन में गुलाब जल मिलाकर सुबह-शाम चेहरे पर दस मिनट लगाकर ठन्डे पानी से चेहरा धो लें। एक माह में चेहरा बेदाग हो जाएगा, यह नुस्खा आजमाया हुआ सफल परिणाम वाला है। गर्मियों में शरीर में से अधिक तेल निकलने के कारण शरीर में जगह-जगह छोटे-छोटे दाने हो जाते हैं, अतः इसके लिए नहाते समय नहाने के पानी में या तो नीम की पत्तियां डालकर नहाएं या किसी एंटीसेप्टिक औषधियुक्त साबुन का प्रयोग करें।
  • गर्मियों में शरीर पर बारीक लाल दाने हो जाते हैं तथा उनमे खुजली भी होती है, अतः गर्मी के दिनों में मुल्तानी मिट्टी से नहाना चाहिए। इससे न केवल बारीक दानो में राहत मिलेगी, बल्कि दिन भर शीतलता का अहसास भी होगा।
  • गर्मियों में सामान्य त्वचा के लिए एक कारगर उपाय है कि आप प्रातःकाल अपना बिस्तर छोड़ें तथा अपने चेहरे की सूखे हाथों से मालिश करें।
  • सामान्य त्वचा में चूंकि चिकनाहट और शुष्कता दोनों ही पाई जाती है, अतः गर्मियों में सामान्य त्वचा के लिए “एलोवेरा’ का पैक लाभदायक होता है। सामान्य त्वचा पर यदि संतरे के छिलके रगड़कर स्नान किया जाए तो बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
  • रात्रि को सोते समय यदि क्लींजिंग मिल्क या कच्चे दूध से चेहरा साफ किया जाए तो त्वचा कांतिमय लगेगी।