भविष्य में कोरोना ज्यादा घातक होगा या कम असरदार? जानिए वैज्ञानिकों की राय

फोटो स्रोतः PixaBay
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नई दिल्ली/दक्षिण भारत। इस समय दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। इससे कई लोग जान गंवा चुके हैं। ऐसे में अहम सवाल यह है कि भविष्य में इस वायरस के क्या प्रभाव हो सकते हैं। क्या यह ज्यादा घातक होगा या इसका असर कम होता चला जाएगा?

एक अध्ययन में कहा गया है कि अगले दशक तक कोविड-19 के लिए जिम्मेदार कोरोना वायरस सामान्य सर्दी-जुकाम वाला वायरस रह जाएगा। यह निष्कर्ष एक गणितीय मॉडल के आधार पर निकाला गया है।

प्रसिद्ध शोध पत्रिका ‘वायरसेस’ ने इस अध्ययन में बताए गए गणितीय मॉडल के आधार पर निष्कर्ष को प्रकाशित किया है। इसके अनुसार, जारी कोरोना महामारी से मिले अनुभवों से हमारा शरीर प्रतिरक्षा तंत्र में बदलाव करेगा।

हालांकि इस निष्कर्ष के बारे में यूटा विश्वविद्यालय में गणित और जीव विज्ञान के प्रोफेसर फ्रेड अडलेर कहते हैं कि यह संभावित भविष्य को दर्शाता है जिसके समाधान के लिए अभी तक तमाम कदम नहीं उठाए गए हैं।

उनके अनुसार, आबादी के बड़े हिस्से में प्रतिरक्षा तंत्र तैयार हो जाने से अगले दशक तक कोविड-19 बीमारी की गंभीरता घटती जाएगी।

इस प्रकार, भविष्य में इस बीमारी की गंभीरता में कमी का अनुमान लगाया गया है। अध्ययन कहता है कि वायरस में आए बदलाव की तुलना में हमारे प्रतिरक्षा तंत्र में महत्वपूर्ण बदलाव होंगे।