army chief addressing
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नई दिल्ली। थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के लगातार खात्मे और सुरक्षाबलों को मुठभेड़ों में मिल रही कामयाबी पर कहा है कि अब लोग ही जानकारी साझा कर रहे हैं। जनरल रावत ने बताया कि सेना ने एक दर्जन आतंकियों की जो सूची निकाली थी, उसमें एक-एक कर सबको खत्म कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि हमें आतंकियों के नेतृत्व का खात्मा करना है। सेना प्रमुख रावत रक्षा अनुसंधान और विश्लेषण संस्थानके 9वें वाईबी चव्हाण स्मृति व्याख्यान के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

गौरतलब है कि बुधवार को घाटी में हुई एक मुठभेड़ के दौरान खूंखार आतंकी नवीद जट्ट मारा गया। वह पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या में शामिल रहा था। पिछले ​कुछ दिनों में सुरक्षाबलों ने बड़ी तादाद में आतंकियों को मार गिराया है। सुरक्षाबलों को अपने सुदृढ़ खुफिया नेटवर्क से आतंकियों के छुपे होने की सूचनाएं मिल रही हैं, जिसके बाद आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। अब जनरल रावत ने भी इस बात के संकेत दे दिए हैं कि आम कश्मीरी उक्त आतंकियों की सूचनाएं सुरक्षाबलों तक पहुंचा रहे हैं। चूंकि आतंकी पाकिस्तान के इशारे पर कश्मीर में अशांति फैला रहे हैं, जिससे सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों का हो रहा है। अब ये ही लोग आतंकियों की गोपनीय सूचनाएं सुरक्षाबलों तक पहुंचा रहे हैं।

जनरल रावत ने जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ भेदभाव के आरोपों को नकारा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बहुत धन दिया है और कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि यह दुष्प्रचार किया जाता है कि यहां लोगों के साथ भेदभाव हो रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं का रैडिकलाइजेशन हो रहा है। जनरल रावत ने कहा कि टीवी और मोबाइल के जरिए युवाओं के पास ऐसी सामग्री पहुंच रही है।

उन्होंने आतंकवाद के पीछे कट्टरता को अहम वजह बताई। जनरल रावत ने जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनावों पर कहा कि ये सफल हुए हैं। इससे जाहिर होता है ​कि लोग पंचायती राज चाहते हैं। उन्होंने घाटी में युवाओं द्वारा कुछ घटनाओं में आईएस के झंडे लहराने पर कहा कि उन्हें (युवाओं) इसकी विचारधारा मालूम नहीं है। वे इसलिए ऐसा करते हैं ताकि सुरक्षाबलों को उकसाया जाए। उन्होंने ऐसे युवाओं को भ्रमित कहा है।

जनरल रावत ने बताया कि आतंकियों के अंतिम संस्कार के दौरान लोगों का एकत्रित होना कम किया जा रहा है। इसके लिए धीरे-धीरे कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी उस कश्मीर को देख रहे हैं जो हमारे पास है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसका यह मतलब नहीं कि दूसरी ओर से नजरें हटा ली जाएं। पहले साथ वाले कश्मीर में सब ठीक करने के बाद दूसरी तरफ देखा जाएगा। जनरल रावत ने कहा कि एक राष्ट्र के तौर हम कभी भी विस्तारवादी नहीं रहे। हम अपने पड़ोसियों के साथ शांति चाहते हैं और दूसरे देशों में अशांति पैदा करने का काम नहीं करते।