नई दिल्ली। केंद्र में सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की तरफ से उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार एम वेंकैया नायडू ने रविवार को पाकिस्तान को आतंकवादियों की मदद करने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए उकसाने के खिलाफ चेताते हुए कहा कि उसे वर्ष १९७१ का भारत-पाक युद्ध याद रखना चाहिए जब उसे शर्मनाक शिकस्त मिली थी और बांग्लादेश का जन्म हुआ था। नायडू ने पाकिस्तान पर यह आरोप भी लगाया कि वह अपनी सरकार की नीति के उपकरण के तौर पर आतंकवाद का इस्तेमाल करता है।यहां आयोजित कारगिल पराक्रम परेड में नायडू ने कहा, पाकिस्तान धर्म के साथ आतंकवाद को मिला रहा है। दुर्भाग्यवश आतंकवाद उनकी सरकार की नीति बन गया है। आतंकवाद इंसानियत का दुश्मन है और उसका कोई धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इसका एक भी इंच प़डोसी देश को नहीं दिया जाएगा। नायडू ने यह सख्त चेतावनी ऐसे समय में दी है जब अमेरिकी विदेश विभाग ने पाकिस्तान को उन देशों में शुमार किया है जो आतंकवादियों को सुरक्षित ठिकाना मुहैया कराते हैं। उन्होंने कहा, हमारे प़डोसी को समझना चाहिए कि आतंकवाद की मदद और इसके लिए उकसाने से उनका कोई फायदा नहीं होने वाला। उन्हें वर्ष १९७१ का अनुभव है, उन्हें वह अनुभव याद रखना चाहिए और अपने लोगों के लिए शांति एवं समृद्धि लाने पर जोर देना चाहिए। नायडू ने यह भी कहा कि कारगिल जैसा दुस्साहस करने वाला पाकिस्तान अब कश्मीर में अशांति पैदा करने के लिए कूटनीतिक दुस्साहस कर रहा है। २६ जुलाई को होने वाले कारगिल विजय दिवस से पहले उन्होंने कहा, यह ऐसा वक्त है जब सभी दुस्साहस करने वालों को समझ लेना चाहिए कि दागने और भागने जैसे तौर-तरीकों से भारत की विकास गाथा को रास्ते से नहीं भटकाया जा सकता। हम परेशान होकर अपना ध्यान भटकाने वाले नहीं हैं। २६ जुलाई १९९९ को भारत ने कारगिल में अपनी उन सभी चौकियों पर फिर से कब्जा हासिल कर लिया था, जिसे पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों ने अपने कब्जे में ले लिया था।