ravi shankar prasad
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कोलकाता में सियासी संग्राम पर रविशंकर प्रसाद का पलटवार

नई दिल्ली/दक्षिण भारत डेस्क। सारदा चिटफंड मामले में कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के आवास पर छापा मारने पहुंची सीबीआई और उसके बाद उपजे हालात पर भाजपा ने कड़ा विरोध जताया है। सोमवार शाम को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक प्रेसवार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज़दार को बचाने की कोशिश कर रही हैं।

इस दौरान उन्होंने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लेते हुए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी का एक पुराना ट्वीट पढ़कर सुनाया। प्रसाद के मुताबिक, कांग्रेस ने 8 मई, 2014 को राहुल का यह बयान ट्वीट किया था कि पश्चिम बंगाल में चिटफंड घोटाले में 20 लाख लोगों का पैसा डूब गया। यह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी भ्रष्‍ट लोगों को बचा रही हैं। वहीं बदले की राजनीति के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि बंगाल में भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता से ममता बनर्जी घबरा गई हैं।

रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष के गठबंधन के लिए कहा कि इस धरने के माध्यम से ममता बनर्जी स्वयं को नेता के रूप में प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मायावती को भी पूछना होगा कि उनका क्या होगा! उन्होंने मौजूदा हालात पर सवाल उठाए और पूछा, बंगाल में क्या हो रहा है? एक पुलिस कमिश्नर नेताओं के साथ धरने पर बैठे हैं? उन्होंने ममता बनर्जी के धरने पर बैठने को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नक्शेकदम पर चलना बताया।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ममता बनर्जी ने चिटफंड मामले की जांच के लिए 26 अप्रेल, 2013 को एसआईटी बनाई, जिसके अध्यक्ष राजीव कुमार थे। उसके बाद कांग्रेस और वामपंथी दल सर्वोच्च अदालत गए। वहां 9 मई, 2014 को निर्देश दिया गया कि सीबीआई इस मामले की जांच करेगी। प्रसाद ने पूर्व में तृणमूल के कुछ सांसदों की गिरफ्तारी पर ममता की चुप्पी लेकिन अब राजीव कुमार के मामले में आक्रामक रुख को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सुदीप बंदोपाध्याय और मदन मित्रा की गिरफ्तारी पर ममता व्याकुल नहीं हुईं, तो आईपीएस अफसर को बचाने के लिए इतनी परेशान क्यों हैं?

रविशंकर प्रसाद ने मामले में​ किसी बड़े षड्यंत्र की ओर इशारा करते हुए कहा कि तृणमूल सरकार संघीय ढांचे को तोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि एसआईटी के प्रमुख रहते राजीव कुमार ने दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे में यह संदेह होता है कि राज़दार बहुत जानता है। आयुक्त को कई बड़ी बातें मालूम हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने सारे दस्तावेज मांगे और राजीव कुमार को समन भेजा गया कि बयान दीजिए, परंतु वे हर बार बहाना बना जाते। यही नहीं, जब सीबीआई ने 10 जांच अधिकारियों को भेजने के लिए कहा तो उनकी ओर से भी तरह-तरह के बहाने बनाए जाते।