बसपा प्रमुख मायावती
बसपा प्रमुख मायावती

लखनऊ/दक्षिण भारत। लोकसभा चुनाव नतीजों में बहुजन समाज पार्टी को जोरदार झटका लगने के बाद अब पार्टी सुप्रीमो मायावती हार के कारणों की समीक्षा कर रही हैं। इस बीच कमजोर नतीजों के लिए पार्टी नेताओं की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई भी शुरू हो गई है। नई दिल्ली में सोमवार को पार्टी नेताओं की बैठक प्रस्तावित है, लेकिन उससे पहले ही छह राज्यों के लोकसभा चुनाव प्रभारियों पर गाज गिरी और उन्हें पद से हटा दिया गया।

वहीं, संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए तीन राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष भी पद से बेदखल कर दिए गए हैं। मायावती ने सख्ती बरतते हुए उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, राजस्थान, गुजरात और ओडिशा के लोकसभा चुनाव प्रभारी हटा दिए। दिल्ली और मध्य प्रदेश के बसपा अध्यक्ष की भी कुर्सी छीन ली गई है।

दमदार नहीं रहे बसपा के नतीजे
लोकसभा चुनाव में हार के कारणों की समीक्षा कर रहीं मायावती सोमवार को बैठक में बड़ा फैसला ले सकती हैं। इसमें उप्र के जोन प्रभारी, जिलाध्यक्ष, लोकसभा चुनाव प्रत्याशी और नवनिर्वाचित सांसद शामिल होंगे। कार्यकर्ताओं में ऐसी चर्चा है कि आने वाले दिनों में संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव को हरी झंडी दिखाई जा सकती है। चूंकि इस बार भी लोकसभा चुनाव में बसपा का प्रदर्शन दमदार नहीं रहा। उसे पिछले लोकसभा चुनाव में शून्य सीटें मिली थीं। इस बार पार्टी के खाते में 10 सीटें तो आईं, लेकिन यह नतीजा आशा के अनुकूल नहीं था।

यह रहा वोटों का गणित
चुनाव से पहले सपा-बसपा और रालोद ने गठबंधन कर भाजपा को शिकस्त देने की रणनीति अपनाई थी, लेकिन वह कामयाब नहीं रही। बसपा को सिर्फ 19.26 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उसकी सहयोगी सपा ने पांच सीटें जीतीं और उसे 17.96 प्रतिशत वोट से ही संतोष करना पड़ा। रालोद को 1.67 प्रतिशत वोट मिले और उसका कोई प्रत्याशी नहीं जीता।

एक रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव में अनुमान से भी काफी कम सीटें मिलने से खफा मायावती संगठन में फेरबदल के मद्देनजर 40 समन्वयक और जोनल समन्वयकों को हटा सकती हैं।

देश-दुनिया की हर ख़बर से जुड़ी जानकारी पाएं FaceBook पर, अभी LIKE करें हमारा पेज.