बसपा प्रमुख मायावती
बसपा प्रमुख मायावती

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। बसपा सुप्रीमो मायावती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा पर हमला करने का कोई मौका नहीं चूक रहीं। सातवें चरण का मतदान पूरा होने से पहले ही ​वे भाजपा विरोधी मोर्चे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए विपक्ष के नेताओं से मुलाकात कर रही हैं। दूसरी ओर, एक पुराने मामले में सीबीआई बसपा नेताओं की जांच में जुटी है। यह मामला प्रदेश की करोड़ों रुपए की चीनी मिल में हुए घोटाले से जुड़ा है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी चीनी मिलों को बहुत कम दामों में निजी कंपनियों को बेचा गया था। इस संबंध में सीबीआई की भ्रष्टाचार रोधी यूनिट की लखनऊ शाखा मामले को खंगाल रही है। इन मिलों को तब बेचा गया था जब मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं। रिपोर्ट के अनुसार, सीबीआई ने मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर सबूत इकट्ठे किए हैं। इसके बाद 2007-2012 में तत्कालीन मायावती सरकार से जुड़े लोग से सवाल-जवाब किए जा सकते हैं।

बता दें कि उप्र सरकार के सचिव भगवान स्वरूप ने 4 अप्रैल को सीबीआई को चिट्ठी लिख चीनी मिल मामले की जांच तत्काल शुरू करने की बात कही थी। राज्य सरकार 21 सरकारी चीनी मिलों की बिक्री से जुड़े इस मामले में जांच की संस्तुति कर चुकी है। इसके बाद सीबीआई की ओर से 9 अप्रैल को दस्तावेजों की जांच और 25 अप्रैल को त्वरित जांच के लिए मामला दर्ज किया गया।

जानकारी के अनुसार, इस जांच के दो भाग हो सकते हैं। पहले भाग में निजी कंपनी द्वारा पेश गलत दस्तावेज और कम कीमत में मिल खरीदना शामिल होगा। जबकि दूसरे भाग में उप्र राज्य शुगर कॉर्पोरेशन लि. द्वारा 21 चीनी मिलों की बिक्री प्रक्रिया में आपराधिक नीयत की जांच शामिल होगी। बताया जा रहा है कि जांच का दूसरा भाग मायावती और उनके सहयोगी सतीश चंद्र मिश्रा पर असर डाल सकता है।

गौरतलब है कि बसपा उक्त चीनी मिलों को बेचने के आरोप पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर लगाती है, जिन्हें मायावती ने 2017 में पार्टी से बर्खास्त किया था। हाल में नसीमुद्दीन ने बयान दिया था कि वे मायावती का बहुत सम्मान करते हैं। हालांकि उन्होंने यह कहकर चौंका दिया था कि चुनाव बाद मायावती भाजपा से मिल सकती हैं।

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