घटनास्थल पर मौजूद सुरक्षा बलों के जवान
घटनास्थल पर मौजूद सुरक्षा बलों के जवान

कोलंबो/भाषा। ईस्टर बम धमाकों की जिम्मेदारी लेने वाले चरमपंथी संगठन द्वारा शुक्रवार की नमाज के दौरान एक हमले की योजना के बारे में खुफिया सूचना मिलने के बाद श्रीलंका की कुछ मस्जिदों के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। स्थानीय चरमपंथी संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) के सदस्य समझे जा रहे नौ आत्मघाती हमलावरों ने बीते रविवार को तीन गिरिजाघरों और तीन लग्जरी होटलों में सिलसिलेवार धमाके किए थे, जिनमें 359 लोग मारे गए थे।

पुलिस महानिरीक्षक पुजित जयसूर्या की ओर से डीआईजी प्रियंथा जयकोडी द्वारा हस्ताक्षरित एक पत्र में यह चेतावनी दी गई है कि ईस्टर धमाकों को अंजाम देने वाला संगठन शुक्रवार की नमाज के दौरान हमले की योजना बना रहा है। टाइम्स ऑनलाइन ने यह खबर दी। पत्र में कहा गया है कि औलिया मस्जिदें इन हमलों का संभावित निशाना हो सकती है।

जयकोडी ने कहा, इन संभावित हमलों के मद्देनजर सभी मस्जिदों के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा कारणों को लेकर मुस्लिम धार्मिक मामलों के मंत्री अब्दुल हलीम ने समुदाय के लोगों से शुक्रवार की नमाज के लिए जमा होने से बचने को कहा है। इस बीच, एएफपी की खबर के मुताबिक पश्चिम श्रीलंका में सैकड़ों मुस्लिम शरणार्थियों ने मस्जिदों और एक पुलिस थाना में पनाह ली है। वे लोग ईस्टर बम धमाकों के बाद धमकियों का सामना कर रहे हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के मुताबिक भूस्वामियों ने नेगोम्बो में बसे सैकड़ों अहमदी मुसलमानों को बेघर कर दिया। श्रीलंकाई मानवाधिकार संगठन इंफार्म के कार्यकर्ता रूकी फर्नांडो ने संवाददाताओं को बताया कि आज शरणार्थी श्रीलंका में एक बार फिर से शरणार्थी बन गए हैं। उन्हें दूसरी बार विस्थापित किया गया है। ये शरणार्थी पाकिस्तान, अफगानिस्तान, यमन और ईरान से आए थे। फर्नांडो ने संवाददाताओं को बताया कि करीब 700 शरणार्थियों ने नेगोम्बो की एक मस्जिद में शरण ले रखी है। हालांकि, इस आंकड़े का सत्यापन नहीं किया गया है।

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