गुजरात के अस्पताल में आग लगने के बाद कोरोना से संक्रमित 16 मरीज सुरक्षित निकाले गए

प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

सूरत/भाषा। जिले के एक निजी अस्पताल के गहन देखभाल कक्ष (आईसीयू) में रविवार रात आग लगने के बाद कोविड-19 के 16 अत्यंत गंभीर मरीजों को बाहर निकाला गया और सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि आग में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

उन्होंने बताया कि सूरत के स्टेशन रोड पर स्थित बहुमंजिला इमारत के पांचवें तल पर आयूष अस्पताल में रविवार रात 11 बजकर 40 मिनट पर आग लग गई थी जिसके बाद आईसीयू में भर्ती 16 मरीजों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।

सूरत नगरपालिका आयोग (एएमसी) के प्रभारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी बसंत पारीक ने कहा, ‘आग लगने के वक्त इमारत के पांचवें तल पर स्थित अस्पताल के आईसीयू में 16 मरीज थे। दमकल विभाग की टीम ने 11 मरीजों को बाहर निकाला और शेष पांच को अस्पताल के स्टाफ ने टीम के पहुंचने से पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था।’

उन्होंने कहा कि आग वातानुकूलन (एसी) शॉर्ट सर्किट होने या ओवरलोड की वजह से वातानुकूलन (एसी) के फट जाने के बाद लगी। पारीक ने बताया कि अग्निशमन दल द्वारा बाहर निकाले गए 11 मरीजों में से पांच को नगर निगम के एसएमआईएमईआर अस्पताल ले जाया गया, चार को संजीवनी अस्पताल और शेष दो को आयुष अस्पताल की दूसरी मंजिलों पर ले जाया गया।

उन्होंने कहा कि अस्पताल के जिन बाकी पांच मरीजों को कर्मचारियों ने बचाया था, उन्हें कहां रखा गया है इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पारीक ने बताया कि आग की सूचना मिलने पर दमकल की करीब 15 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया और दो गाड़ियों की मदद से आधे घंटे में ही आग पर काबू पा लिया गया।