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एसीबी के एडीजीपी पर ‘प्रतिकूल’ टिप्पणियां: उच्चतम न्यायालय ने कर्नाटक उच्च न्यायालय से सुनवाई स्थगित करने को कहा
एडीजीपी ने अपनी याचिका में उन प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाने का अनुरोध किया है
 
न्यायमूर्ति संदेश ने एसीबी को ‘उगाही केन्द्र’ और उसके प्रमुख को ‘दागदार अधिकारी’ कहा था

नई दिल्ली/भाषा। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एचपी संदेश से उस जमानत याचिका पर सुनवाई तीन दिन के लिए स्थगित करने को कहा जिसमें उन्होंने राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) सीमांत कुमार सिंह के खिलाफ कथित तौर पर ‘प्रतिकूल’ टिप्पणियां की थीं।

प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण, न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता और एसीबी के एडीजीपी के वकील के प्रतिवेदन पर गौर किया और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया।

एडीजीपी ने अपनी याचिका में उन प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाने का अनुरोध किया है, जो न्यायमूर्ति संदेश ने जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान की थीं।

न्यायमूर्ति संदेश ने एसीबी को ‘उगाही केन्द्र’ और उसके प्रमुख सिंह को ‘दागदार अधिकारी’ कहा था।

बाद में 11 जुलाई को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने एक आदेश भी सुनाया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा कि उन्हें स्थानांतरण की धमकी दी गयी है और उन्हें स्थानांतरण की धमकी एक अन्य न्यायाधीश के जरिये दी गई।

उच्च न्यायालय ने कहा, ‘हमारा मानना है कि विद्वान न्यायाधीश से मामले की सुनवाई तीन दिन के लिए स्थगित करने को कहना उचित है..यह अवधि हमें 11 जुलाई को न्यायाधीश की ओर से पारित आदेश को देखने का मौका देगी।’

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