प्रतीकात्मक चित्र
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नई दिल्ली/भाषा। नोएडा में कथित रूप से फर्जी कॉलसेंटर चलाने और एयरलाइन में नौकरी दिलाने का वादा कर सैकड़ों लोगों को ठगने को लेकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया गया है।

पुलिस ने बताया कि गिरोह के सरगना शदाब मलिक (26) और उसके दो साथियों- प्रियंका गोस्वामी (22) एवं कुमुद रंजन कमलेश (40) को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग कोविड-19 महामारी के कारण नौकरी गंवा चुके लोगों को निशाना बनाते थे।

पुलिस के मुताबिक मलिक और गोस्वामी अपने आप को पति-पत्नी की तरह पेश करते थे और वे नोएडा में किराए के एक अपार्टमेंट में रहते थे जहां से कॉल सेंटर चलाते थे। महिला अपने आप को एयर इंडिया के एचआर विभाग की एक अधिकारी बताती थीं।

यह मामला तब सामने आया जब उनकी ठगी के शिकार हुए अनवेश दत्ता गुप्ता ने यहां पालम थाने में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। गुप्ता ने पुलिस को बताया कि एयरलाइन में नौकरी दिलाने के बहाने उससे आरोपियों ने 71,875 रुपए ठग लिए।

अब तक पुलिस को आरोपियों के विरुद्ध कम से कम 10 शिकायतें मिल चुकी हैं। पुलिस ने बताया कि संदिग्धों का पता लगाने के लिए उसने तकनीकी निगरानी की मदद ली और आरोपियों के बैंक खाते एवं कॉल रिकार्ड जुटाए। जांच के दौरान पता चला कि अपराध के लिए उपयोग में लाए गए बैंक खाते और मोबाइल नंबर फर्जी पहचानों पर खुलवाए गए थे।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि साइबर निगरानी और सूत्रों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने मलिक को गिरफ्तार किया। उसे ऐसे ही अपराध में पहले उत्तराखंड पुलिस ने भी गिरफ्तार किया था।

अधिकारी ने बताया कि अन्य संदिग्धों के सभी संभावित ठिकानों पर छापा मारा गया जिसके बाद उसका साथी कुमुद रंजन कमलेश पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार से धरा गया और गोस्वामी भी पुलिस के हत्थे चढ़ी।