महाराष्ट्र: महागठबंधन में दरार? राउत की टिप्पणी- देशमुख दुर्घटनावश बने गृह मंत्री

महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख। फोटो स्रोत: इंस्टाग्राम वीडियो।
महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख। फोटो स्रोत: इंस्टाग्राम वीडियो।

मुंबई/दक्षिण भारत। क्या सचिन वाजे कांड के बाद महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में दरार आ गई है? दरअसल शिवसेना सांसद संजय राउत ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित एक स्तंभ में राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख को यह पद ‘दुर्घटनावश’ मिलने की बात कही है।

बता दें कि देशमुख पर आरोप है कि उन्होंने सचिन वाजे को हर महीने 100 करोड़ रुपए की उगाही का लक्ष्य दिया था। यह आरोप मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखी एक चिट्ठी में लगाया है।

अब राउत ने उनके बारे में जिन शब्दों का इस्तेमाल किया है, उसके बाद चर्चा है कि महाराष्ट्र की महागठबंधन सरकार में खटपट चल रही है। राउत ने यह भी कहा कि इस पद की जिम्मेदारी लेने से जयंत पाटिल और दिलीप वालसे-पाटिल ने भी इन्कार किया था।

‘सामना’ के साप्ताहिक स्तंभ ‘रोकटोक’ में राउत ने लिखा, ‘देशमुख को गृह मंत्री का पद दुर्घटनावश मिला। जयंत पाटिल और दिलीप वालसे-पाटिल ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। इसी कारण शरद पवार ने अनिल देशमुख को इस पद के लिए चुना।’

राउत ने वाजे का भी जिक्र किया और कहा, ‘अगर सचिन वाजे जैसा कोई कनिष्ठ अधिकारी मुंबई पुलिस आयुक्त के दफ्तर से वसूली का गिरोह चला रहा था, तो यह कैसे हो सकता है कि गृह मंत्री को इसके बारे में जानकारी न हो?’

राउत ने इस मामले की सच्चाई सामने लाए जाने की मांग करते हुए सवाल किया, ‘वाजे मुंबई पुलिस में एक एपीआई था। किसने उसे इतनी शक्तियां दीं?’ राउत को यह अंदाजा रहा होगा कि इस टिप्पणी के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन में विरोध के स्वर उठ सकते हैं। इस पर उन्होंने ट्वीट किया, ‘बुरा न मानो होली है।’ हालांकि इस टिप्पणी के साथ उन्होंने लिखा, ‘आसमान में उड़ने की मनाही नहीं है। बस शर्त इतनी है कि ज़मीन को नज़रअंदाज़ न करें।