प्रतीकात्मक चित्र
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नई दिल्ली/भाषा। ऑनलाइन रमी खेल पर चिंता जाहिर करते हुए राज्यसभा में मंगलवार को सदस्यों ने मांग की कि इस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए क्योंकि ‘आसानी से धन कमाने का यह तरीका’ बड़ी संख्या में युवाओं को अपने जाल में फंसा रहा है।

उच्च सदन के सभापति एम वेंकैया नायडू ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि कानून मंत्री को इस ओर ध्यान देना चाहिए।

भाजपा सदस्य केसी राममूर्ति ने विशेष उल्लेख के जरिए यह मुद्दा उठाते हुए कहा ‘ऑनलाइन रमी का चलन बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में युवा इसके शिकार हो रहे हैं। इसके बेहद लुभावने विज्ञापन दिए जाते हैं और लोगों को जाल में फंसाया जाता है।’

उन्होंने कहा, ‘अपराधी गिरोह ऑनलाइन रमी से जुड़े हैं और एक अनुमान के अनुसार, 200 करोड़ रुपए से अधिक का धंधा चल रहा है। आसानी से धन कमाने का सपना दिखा कर लोगों की खून-पसीने की कमाई छीन ली जाती है।’

राममूर्ति ने कहा, ‘इन दिनों कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न हालात में यह खतरा भी अपना आकार बढ़ा रहा है। युवाओं के भविष्य को देखते हुए इस पर रोक लगाना जरूरी है।’

सभापति नायडू ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा, ‘वैसे तो यह राज्य सरकार का विषय है लेकिन इसकी गंभीरता को देखते हुए कानून मंत्री को इस ओर ध्यान देना चाहिए।’

उच्च सदन में बीजद के प्रसन्न आचार्य ने सिकलसेल बीमारी का मुद्दा विशेष उल्लेख के जरिए उठाया। उन्होंने कहा कि यह वंशानुगत बीमारी पूरे परिवार को तबाह कर देती है और सरकार को इस संबंध में उचित कदम उठाना चाहिए।

इसी पार्टी के सस्मित पात्रा ने विशेष उल्लेख के जरिए राष्ट्रीय राजधानी में ओडिया संस्कृति के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से ग्रंथालय स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार से जमीन दिए जाने की मांग की। शिवेसना के अनिल देसाई ने प्लेटफॉर्म टिकट के दाम बढाए जाने का मुद्दा विशेष उल्लेख के जरिए उठाया।