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पूर्वी लद्दाख में वायु सेना की त्वरित प्रतिक्रिया उसकी तैयारी का प्रमाण है: एयर चीफ मार्शल
हमें देश को यह दिखाना होगा कि बाहरी ताकतों को हमारी सीमाओं का उल्लंघन करने नहीं दिया जाएगा
 
भारतीय वायु सेना की क्षमता को बढ़ावा देने का मकसद वायु शक्ति का इस्तेमाल करने और वांछित परिणाम हासिल करने के लिए अधिकतम साधनों को मुहैया कराना है।

हिंडन/भाषा। चीफ ऑफ एयर स्टाफ, एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में पिछले साल हुए घटनाक्रम की प्रतिक्रिया में त्वरित कार्रवाई भारतीय वायु सेना की, किसी भी परिस्थिति से निपटने की तैयारी का प्रमाण थी।

उन्होंने 89वें वायु सेना दिवस के मौके पर दिए संबोधन में यह भी कहा कि भारतीय वायु सेना को देश को यह दिखाना होगा कि बाहरी ताकतों को हमारी सीमाओं का उल्लंघन करने नहीं दिया जाएगा।

वायु सेना प्रमुख ने दिल्ली के बाहरी इलाके में हिंडन हवाई अड्डे पर आयोजित एक समारोह में कहा, ‘चूंकि हमारी चुनौतियां लगातार बढ़ रही है तो हमारी ताकत और यह सुनिश्चित करने का संकल्प भी बढ़ रहा है कि हवाई ताकत का सबसे अच्छा इस्तेमाल किया जाए। जब मैं आज हमारे सामने के सुरक्षा परिदृश्य को देखता हूं तो मैं महसूस करता हूं कि मैंने महत्वपूर्ण समय में कमान संभाली है।’

उन्होंने कहा, ‘हमें देश को यह दिखाना होगा कि बाहरी ताकतों को हमारी सीमाओं का उल्लंघन करने नहीं दिया जाएगा। मैं आपसे स्पष्ट दिशा, अच्छा नेतृत्व और उत्कृष्ट संसाधन मुहैया कराने वादा करता हूं।’

एयर चीफ मार्शल चौधरी ने कहा कि बीता साल ‘काफी चुनौतीपूर्ण लेकिन अत्यधिक फायदेमंद’ रहा। उन्होंने कहा, ‘पूर्वी लद्दाख में हुए घटनाक्रम की प्रतिक्रिया में त्वरित कार्रवाई भारतीय वायु सेना की, किसी भी परिस्थिति से निपटने की तैयारी का प्रमाण थी। कोविड से संबंधित सभी कार्यों को पूरा करने में हमारे प्रयास राष्ट्रीय कोशिशों के समर्थन में एक बड़ी उपलब्धि रहे।’

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में और उससे इतर सुरक्षा के माहौल पर ‘भू-राजनीतिक ताकतों की जटिल प्रक्रिया का असर पड़ता है।’ उन्होंने कहा, ‘इसके अलावा भूमि, समुद्र और वायु के पारंपरिक कार्य क्षेत्र से ऊपर नए कार्य क्षेत्र के आने से सैन्य अभियान के संचालन के तरीके में आदर्श बदलाव आया है।’

एयर चीफ मार्शल चौधरी ने कहा कि भारतीय वायु सेना की क्षमता को बढ़ावा देने का मकसद वायु शक्ति का इस्तेमाल करने और वांछित परिणाम हासिल करने के लिए अधिकतम साधनों को मुहैया कराना है।’

उन्होंने कहा, ‘मैं आने वाले वर्षों में आपके कौशल, साहस, दृढ़ संकल्प और कठिन परिश्रम पर विश्वास करता रहूंगा। याद रखिए कि देश की संप्रभुत्ता और अखंडता की किसी भी कीमत पर रक्षा करना हमारा पवित्र कर्तव्य है और आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम देश का सिर कभी न झुकने दें।’
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