बंगाल: शाह का तृणमूल पर निशाना- जो सरकार तुष्टिकरण करती है, वो नहीं चाहिए

जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।
जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।

रानीबंध/दक्षिण भारत। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के रानीबंध में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बंगाल में हम आशा करते थे कि यहां से कम्युनिस्ट शासन जाने के साथ ही राजनीतिक हिंसा समाप्त हो जाएगी। मगर तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने तो कम्युनिस्टों को भी अच्छा कहलवा दिया। राजनीतिक हिंसा और बढ़ गई। 130 से ज्यादा भाजपा कार्यकर्ता मार दिए गए।

शाह ने कहा कि जो सरकार तुष्टिकरण करती है, वो सरकार नहीं चाहिए। बंगाल में दुर्गा पूजा करनी है, तो कोर्ट में जाना पड़ता है। आदिवासियों के वन भूमि के अधिकार नरेंद्र मोदी देना चाहते हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के गुंडे इसके लिए भी भ्रष्टाचार कर रहे हैं।

शाह ने कहा कि मैं आपसे वादा करता हूं कि आप मोदी के नेतृत्व में सरकार बना दीजिए। फॉरेस्ट राइट कानून का फायदा अफसर आपको घर आकर पहुंचाएंगे। भगवान बिरसा मुंडा और कई अन्य महापुरुषों ने देश के लिए जान दी है। उनका कोई संग्रहालय बनाना चाहिए या नहीं? भाजपा ने तय किया है कि बंगाल में सरकार बनते ही झारग्राम में आदिवासी स्मृति संग्रहालय बनाया जाएगा।

शाह ने कहा कि इस फंड के अंतर्गत यहां जो खनिज निकलता है, उसमें से एक हिस्सा आदिवासी भाइयों के विकास के लिए खर्च किया जाना है। देशभर में 35,000 करोड़ से ज्यादा रुपया खर्च किया गया। मैं ममता दीदी से पूछना चाहता हूं कि क्या दोष है मेरे बंगाल के आदिवासियों का; उन तक ये पैसा क्यों नहीं पहुंचता है?

शाह ने कहा कि अटलजी ने ही अलग आदिवासी कल्याण मंत्रालय बनाया था। प्रधानमंत्री मोदी ने आने के बाद डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड की रचना करके सबसे बड़ा काम किया। मगर यहां डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड कटमनी की भेंट चढ़ जाता है।

शाह ने कहा कि तृणमूल सरकार ने बंगाल का पतन किया है। अब समय आ गया है, सोनार बांग्ला बनाने का। अब समय आ गया है, आदिवासी बच्चों को घर पर ही नौकरियां दिलाने का। इसके लिए बंगाल में भाजपा सरकार बनानी होगी।