ममता के गढ़ में शाह की ललकार- दीदी, आपके ‘खेला होबे’ से कोई नहीं डरता

जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह। स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।
जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह। स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।

पुरुलिया/झारग्राम/दक्षिण भारत। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया और झारग्राम में भाजपा की चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुरुलिया जिले में आपको पीने का पानी घर में नल से मिलता है क्या? ममता दीदी आप लोगों को फ्लोराइड युक्त पानी पिलाती हैं। एक बार दीदी को यहां से निकाल दो, 10,000 करोड़ रुपए के खर्चे से शुद्ध पानी की व्यवस्था भाजपा सरकार करेगी।

शाह ने कहा कि यहां पहले वामपंथियों ने उद्योग स्थापित नहीं होने दिए, उसके बाद दीदी ने यहां से उद्योगों को भगाने का काम किया। टीएमसी हो या वामपंथी, ये रोजगार नहीं दे सकते। रोजगार चाहिए, तो यहां राजग की सरकार बनाइए।

शाह ने कहा कि भाजपा ने तय किया है कि जैसे ही बंगाल में भाजपा सरकार बनती है, वैसे ही हर किसान के घर में एक साथ 18,000 रुपए उसके बैंक खाते में भेजे जाएंगे। आप लोगों को गंभीर बीमारी आने पर कोलकाता जाना पड़ता है। हमने तय किया है कि जंगलमहल में हम नया एम्स बनाकर, आदिवासी और कुर्मी भाइयों को स्वास्थ्य की आधुनिक सुविधाएं देंगे।

शाह ने कहा कि हमने 250 बीपीओ के जरिये यहां के आदिवासी और कुर्मी भाइयों को नौकरी देने का वादा किया है। हर घर मे 5 साल में कम से कम एक रोजगार भाजपा की सरकार देगी। आप मुझे बताइये की क्या बंगाल में हो रही घुसपैठ सही है? वो घुसपैठिए आपके रोजगार ले रहे हैं, उनकी वजह से आपको ढंग से चावल नहीं मिल रहा है। दीदी की सरकार बदल दो, इन घुसपैठियों को चुन-चुन कर बाहर निकालने का काम भाजपा की सरकार करेगी।

शाह ने कहा कि इस चुनाव में ममता दीदी के गुंडे आपको परेशान नहीं करेंगे। बेखौफ होकर मतदान कीजिए। दीदी के गुंडों से डरने से जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग ने हर मतदान केंद्र में पैरामिलिट्री फोर्स लगाई हैं। शाह ने कहा कि झारग्राम हरे भरे जंगल और लाल मिट्टी की भूमि है। आदिवासी भाइयों ने वर्षों से इस भूमि की संस्कृति संजो कर रखा है। मां, माटी मानुष का नारा देकर दीदी सत्ता में तो आई, लेकिन आपके लिए कुछ नहीं किया।

शाह ने कहा कि मैं आपके क्षेत्र की कठिनाइयों को जानता हूं, लेकिन कुछ कठिनाई ऐसी हैं जो पूरे बंगाल की है। दीदी जहां जहां घूमती हैं, वहां लोगों और निर्दोष आदिवासियों को डराती हैं- खेला होबे, खेला होबे। शाह ने कहा कि अरे दीदी, आप हमें क्या डराती हो? खेला होबे से हम डर जाएंगे क्या? दीदी आपको मालूम नहीं है, बंगाल का छोटा बच्चा भी फुटबॉल खेलता है, आपके ‘खेला होबे’ से कोई नहीं डरता।