डीआरडीओ द्वारा तैयार किए गए अस्पताल का एक वार्ड
डीआरडीओ द्वारा तैयार किए गए अस्पताल का एक वार्ड

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। डीआरडीओ ने टाटा संस की सहायता से नई दिल्ली में रिकॉर्ड 12 दिनों में 250 आईसीयू बिस्तरों के साथ 1,000 बेड का कोविड अस्पताल बनाया है। यह अस्पताल हवाईअड्डे के पास वायुसेना की भूमि पर होगा और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा द्वारा संचालित होगा।

1,000 बेड वाले इस केंद्र में विशेष गहन देखभाल इकाई बेड होंगे और पूरी तरह से वातानुकूलित होंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली छावनी में डीआरडीओ द्वारा निर्मित सरदार वल्लभ भाई पटेल कोविड-19 अस्पताल का दौरा किया।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और डीआरडीओ चेयरमैन जी. सतीश रेड्डी भी उपस्थित थे। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि सशस्त्र बल के जवान इस अस्पताल की देखरेख करेंगे।

अस्पताल में आईसीयू और वेंटीलेटर वार्ड को कर्नल बी. संतोष बाबू वार्ड का नाम दिया गया है। डीआरडीओ ने तय किया है कि इस अस्पताल में विभिन्न वार्डों के नाम पिछले महीने गलवान घाटी में चीनी फौज के साथ संघर्ष में वीरगति प्राप्त करने वाले सैनिकों के नाम पर रखे जाएंगे।

डीआरडीओ चेयरमैन के तकनीकी सलाहकार संजीव जोशी ने कहा, ‘भारतीय सेना के उन जवानों के सम्मान में, जिन्होंने 15 जून को गलवान घाटी संघर्ष में प्राणों का बलिदान दिया, डीआरडीओ ने उनके नाम पर दिल्ली के सरदार वल्लभभाई पटेल कोविड-19 अस्पताल के विभिन्न वार्डों के नाम तय किए हैं।’