बंगाल ने परिवर्तन के लिए ममता पर भरोसा किया, दीदी और काडर ने भरोसा तोड़ा: मोदी

कोलकाता में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।
कोलकाता में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।

‘जनता ने आपको दीदी की भूमिका में चुना था, खुद को एक ही भतीजे की बुआ तक सीमित क्यों कर लिया?’

कोलकाता/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में सैकड़ों रैलियों को संबोधित करने का सौभाग्य मिला है, लेकिन इतने लंबे कार्यकाल में मैंने कभी इतने बड़े विशाल जन समूह का हमें आशीर्वाद मिला हो, ऐसा दृश्य मुझे आज देखने को मिला है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल की इस धरती ने हमारे संस्कारों को ऊर्जा दी, भारत की आज़ादी के आंदोलन में नए प्राण फूंके, ज्ञान-विज्ञान में भारत का गौरव बढ़ाया। बंगाल से निकले महान व्यक्तित्वों ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को सशक्त किया। बंगाल की इस धरती ने एक विधान, एक निशान, एक प्रधान के लिए बलिदान देने वाला सपूत हमें दिया। ऐसी पावन मिट्टी को नमन करता हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिगेड ग्राउंड के आसपास, एक तरफ स्वामी विवेकानंदजी का जन्मस्थान है, दूसरी तरफ नेताजी सुभाष चंद्र बोस का निवास स्थान है, एक तरफ महर्षि अरविंद का जन्मस्थान है, तो दूसरी तरफ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्मस्थान है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये कोलकाता, बंगाल पूरे भारत की बहुत बड़ी प्रेरणा स्थली है। बीते दशकों में ब्रिगेड ग्राउंड में अनेक बार ये नारा गूंजा है- ब्रिगेड चलो। इस ग्राउंड ने अनेक देशभक्तों को देखा है। बंगाल ने परिवर्तन के लिए ही ममता दीदी पर भरोसा किया था। लेकिन दीदी और उनके काडर ने यह भरोसा तोड़ दिया। इन लोगों ने बंगाल का विश्वास तोड़ा। इन लोगों ने बंगाल को अपमानित किया। यहां की बहन-बेटियों पर अत्याचार किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में एक तरफ तृणमूल है, लेफ्ट-कांग्रेस है, उनका बंगाल विरोधी रवैया है, और दूसरी तरफ खुद बंगाल की जनता कमर कसकर खड़ी हो गई है। आज भाजपा को आशीर्वाद देने के लिए लाखों लोगों का यहां आना, लाखों लोगों का प्रदेश भर में निरंतर आशीर्वाद बनाए रखना। सामान्य मानव हो, बंगाल के बौद्धिक जन हों, कला जगत के लोग हों, सभी अपना प्रेम और आशीर्वाद बरसा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज ब्रिगेड ग्राउंड में आप लोगों की हुंकार सुनने के बाद अब किसी को कोई संदेह नहीं रह जाएगा। कुछ लोगों को तो लगता होगा कि शायद आज 2 मई आ गई है। मैं ब्रिगेड ग्राउंड से आपको इस आशोल पोरिबोरतोन का विश्वास दिलाने आया हूं। विश्वास, बंगाल के विकास का। विश्वास, बंगाल में स्थितियों के बदलने का, बंगाल में निवेश बढ़ने का, बंगाल के पुनर्निर्माण का, बंगाल की संस्कृति की रक्षा का।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं विश्वास दिलाने आया हूं कि आपके लिए, यहां के नौजवानों के लिए, किसानों, उद्यमियों, यहां की बहनों-बेटियों के विकास के लिए हम 24 घंटे दिन-रात मेहनत से काम करेंगे। हम मेहनत करने में कोई कमी नहीं रखेंगे। हम पल-पल आपके लिए जिएंगे। हम पल-पल आपके सपनों के लिए जिएंगे। यह विश्वास दिलाने आया हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सिर्फ चुनाव में नहीं,हर पल आपका दिल जीतते रहेंगे- अपने काम द्वारा, सेवा द्वारा, समर्पण द्वारा, परिश्रम द्वारा। उत्तर बंगाल हो या दक्षिण बंगाल, पश्चिमांचल हो या जंगलमहल। आदिवासी हो या दलित, पिछड़े, शोषित, वंचित या हमारे शरणार्थी भाई-बहन, सभी पर बराबर ध्यान दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास शासन का मंत्र होगा। जहां उन्नयन सबका होगा, तुष्टिकरण किसी का नहीं। जहां घुसपैठ और घुसपैठियों को रोका जाएगा। कोलकाता तो सिटी आफ जॉय है। कोलकाता के पास समृद्ध अतीत की विरासत भी है और भविष्य की संभावनाएं भी हैं। ऐसा कोई कारण नहीं है कि कोलकाता के कल्चर को सुरक्षित रखते हुए इसे सिटी आफ फ्यूचर न बनाया जा सके।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इनकी कमीशनबाजी की वजह से कोलकाता एयरपोर्ट से जुड़े कई काम तक रुके हुए हैं। ऐसे रुके हर काम को भाजपा सरकार में तेज गति दी जाएगी। यहां के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को भाजपा सरकार में नई ऊर्जा मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विस्तार को भी बल दिया जाएगा। इंजीनियरिंग, डॉक्टर, टेक्नॉलॉजी, ऐसे विषयों की पढ़ाई, बांग्ला भाषा में भी हो, इस पर भी जोर दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ पश्चिम बंगाल में सत्ता का परिवर्तन करना ही नहीं है। हम बंगाल की राजनीति को विकास केंद्रित करना चाहते हैं। इसलिए हम असोल पोरिवर्तन की बात कर रहे हैं। असोल पोरिवर्तन के इस महायज्ञ में बंगाल के लोगों को भी ये भी याद रखना है कि उनके साथ किस तरह का छल बार-बार लगातार किया गया है, इसे भूलना नहीं है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के नारे पर कांग्रेस सत्ता में आई थी। आजादी के बाद कुछ समय काम हुआ, लेकिन फिर बंगाल पर वोटबैंक की राजनीति हावी होती चली गई। इस राजनीति को वामपंथियों ने और बढ़ाया और नारा दिया- ‘कांग्रेसेर कालो हाथ, भेंगे दाओ, गुड़िये दाओ!’

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे ही नारों के दम पर वामपंथी सत्ता में आए, लगभग तीन दशक तक सत्ता संभाली। आज उस काले हाथ का क्या हुआ? जिस हाथ को वामपंथी काला समझते थे, वो आज सफेद कैसे हो गया? जिस हाथ को तोड़ने की बात करते थे, आज उसी का आशीर्वाद लेकर वो चल रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वामपंथियों के विरुद्ध ममता दीदी ने पोरिवर्तन का नारा दिया था। पश्चिम बंगाल से मां, माटी, मानुष के लिए काम करने का वादा किया था। पिछले 10 साल से यहां तृणमूल कांग्रेस की सरकार है, क्या सामान्य बंगाली परिवार के जीवन में वो परिवर्तन आया जिसकी उसे अपेक्षा थी?

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज बंगाल का मानुष परेशान है, वो अपनी आंखों के सामने अपनों का खून बहता देखता है। वो अपनों को अपनी आंखों के सामने लुटते हुए देखता है। वो अपनों को इलाज के अभाव में दम तोड़ते हुए देखता है। पूरा बंगाल अब एक स्वर में कह रहा है- आर नॉय औन्नॉय।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दीदी आज पश्चिम बंगाल के नौजवान, यहां के बेटे-बेटियां आपसे एक ही सवाल पूछ रहे हैं। उन्होंने आपको दीदी की भूमिका में चुना था। लेकिन आपने खुद को एक ही भतीजे की बुआ तक सीमित क्यों कर दिया?

प्रधानमंत्री ने कहा कि आपने एक ही भतीजे की बुआ होने के मोह को क्यों चुना? बंगाल के लाखों भतीजे-भतीजियों की आशाओं के बजाय आप अपने भतीजे का लालच पूरा करने में क्यों लग गईं? आप भी भाई-भतीजावाद के उन कांग्रेसी संस्कारों को छोड़ नहीं पाईं, जिनके खिलाफ आपने बगावत की थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दीदी, आप बंगाल की ही नहीं आप तो भारत की बेटी हैं! कुछ दिन पहले जब आपने स्कूटी संभाली, तो सभी प्रार्थना कर रहे थे कि आप सकुशल रहें! अच्छा हुआ आप गिरीं नहीं, नहीं तो जिस राज्य में वो स्कूटी बनी है, उस राज्य को ही अपना दुश्मन बना लेतीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब आपकी स्कूटी भवानीपुर जाने की बजाय नंदीग्राम की तरफ मुड़ गई। दीदी, हम तो हर किसी का भला चाहते हैं, हम नहीं चाहते किसी को चोट आए। लेकिन जब स्कूटी ने नंदीग्राम में ही गिरना तय किया, तो हम क्या करें!

प्रधानमंत्री ने कहा कि क्या गरीब की चिंता करना, उसकी सेवा करना हमारा कर्तव्य नहीं है? या हम इस पर भी राजनीति करेंगे? लेकिन अफसोस, तृणमूल कांग्रेस सरकार यही कर रही है। हर घर जल पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार जो पैसे भेज रही है, उसका बहुत बड़ा हिस्सा आज तक यहां की सरकार खर्च ही नहीं कर पाई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां इस ब्रिगेड ग्राउंड से पूरे बंगाल के लोगों से पूछता हूं- तृणमूल कांग्रेस सरकार बंगाल के गरीबों, यहां की महिलाओं, यहां के बच्चों की गुनहगार है कि नहीं? बीते छह वर्ष में केंद्र सरकार की हर योजना के केंद्र में हमारी बेटियां और माताएं, बहनें रही हैं। आज गरीब को अपना पक्का घर भी मालकिन के नाम से ही मिल रहा है। घर—घर शौचालय बनें, इज्जत घर बनें, तो बहन-बेटियों को ही सम्मान मिला।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल में 4 करोड़ से ज्यादा जन धन खाते खोले गए, इसमें आधे से ज्यादा खाते महिलाओं के ही हैं। हमने जब मुद्रा लोन देकर नए अवसर दिए, तो इसका भी लाभ लेने वाली 75 प्रतिशत महिलाएं ही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजकल तो हमारे विरोधी भी कहते हैं कि मैं दोस्तों के लिए काम करता हूं। हम सभी जानते हैं कि बचपन में हम जहां पले-बढ़े होते हैं, बचपन में जहां खेले-कूदे होते हैं, जिनके साथ पढ़े होते हैं, वो हमारे जीवन भर के पक्के दोस्त होते हैं। मैं भी गरीबी में पला-बढ़ा और इसलिए उनका दुख-दर्द क्या है, चाहे वो हिंदुस्तान के किसी भी कोने में क्यों न हो, क्योंकि वो हमारे दोस्त हैं, उनको मैं भली-भांति अनुभव का सकता हूं। इसलिए मैं दोस्तों के लिए काम करता हूं और मैं दोस्तों के लिए ही काम करता रहूंगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल के चायवाले, यहां के टी गार्डन्स में काम करने वाले हमारे भाई-बहन तो मेरे विशेष दोस्त हैं। मेरे ऐसे कामों से उनकी भी अनेक परेशानियां कम हो रही हैं। हमारी सरकार के प्रयासों से मेरे इन चायवाले दोस्तों को सोशल सेक्योरिटी स्कीम्स का भी लाभ मिलना तय हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना ने पूरी दुनिया में सबको परेशान किया लेकिन मेरे ये गरीब दोस्त ही थे, जो बहुत परेशान हुए। जब कोरोना आया तो मैंने अपने हर दोस्त को मुफ्त में राशन दिया, मुफ्त गैस सिलेंडर दिया और करोड़ों रुपए बैंक खाते में जमा करवाए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में कोरोना वैक्सीन इतनी महंगी है। लेकिन मैंने अपने दोस्तों के लिए सरकारी अस्पताल में मुफ्त में टीका लगाने का प्रबंध किया। मेरे आप सभी दोस्त बताइए, दोस्ती चलेगी या तोलाबाजी? बहनों और भाइयों, आपके इसी जोश से दीदी और उनके साथियों की नींद उड़ी हुई है। तभी तो ये लोग कह रहे हैं कि इस बार- खेला होबे। आपने लोगों की मेहनत की कमाई से, लोगों की ज़िन्दगियों से खेला है। आपने चाय बागानों को ताला लगा दिया, राज्य को क़र्ज़ में डुबो दिया। आपने युवाओं से उनके हक की नौकरी, उनका वेतन तक छीन लिया। अब ये नहीं चलेगा, अब ये खेल नहीं चलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आपको याद होगा मेरे लिए क्या क्या कहा गया है। कभी रावण कहा गया, कभी दानव, कभी दैत्य तो कभी गुंडा कहा गया। दीदी, इतना गुस्सा क्यों? भाजपा की स्थापना के मूल में ही बंगाली चिंतन है। भाजपा वो पार्टी है जिसकी स्थापना की प्रेरणा, बंगाल के महान सपूत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी हैं। भाजपा वो पार्टी है जिसके विचारों में बंगाल की महक है। भाजपा वो पार्टी है जिसके संस्कारों में बंगाल की परंपरा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा वो पार्टी है जिसके डीएनए में बंगाल का सूत्र है। भाजपा वो पार्टी है जिस पर बंगाल का अधिकार है। भाजपा वो पार्टी है जिस पर बंगाल का कर्ज है। भाजपा ये कर्ज कभी चुका नहीं सकती लेकिन बंगाल की माटी का तिलक लगाकर उसे विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाना चाहती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव में आपने चुपचाप कमल छाप से कमाल किया। आपके एक वोट की ताकत आपने कश्मीर से लेकर अयोध्या तक देखी है। इस बार आपको जोर से छाप, टीएमसी साफ के इरादे से आगे बढ़ना है। बंगाल के भाजपा कार्यकर्ताओं से भी मैं कहूंगा- मैं आपके तप, आपके त्याग और आपके बलिदान के सामने शीश झुकाता हूं। भाजपा के हर कार्यकर्ता के परिवार को, पश्चिम बंगाल में अन्याय का शिकार हुए हर व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।