प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

चंपारण/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बिहार के चंपारण में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि चंपारण एक प्रकार से भारत की आस्था-आध्यात्म और हमारे सामर्थ्य को परिभाषित करने वाली धरती है। यहां बुद्ध के निशान भी हैं। यहां से भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को भी नई दिशा मिली। यह पूज्य बापू के सत्याग्रह की धरती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज चंपारण को एक बार फिर वही संकल्प लेना है जो उसने आजादी के समय लिया था। आज फिर चंपारण के लोगों को संकल्प लेना है कि जो भी आत्मनिर्भर बिहार, आत्मनिर्भर भारत के रास्ते में रोड़ा बन रहे हैं, उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से सबक सिखाया जाए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चंपारण का, बिहार का ये हिस्सा थारू जनजाति के साथियों के तप, त्याग और तपस्या का प्रतीक है। थारू समुदाय की पीढ़ियों ने जनजाति का दर्जा पाने के लिए लंबा इंतजार किया। ये अटल जी की ही सरकार थी, जिसने थारू समुदाय को जनजाति का दर्जा दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में पीने के शुद्ध पानी के अभाव में हमारी बहनों को कितनी समस्याओं का सामना करना पड़ता था, गंदे पानी के कारण कितनी बीमारियां छोटे बच्चों को होती थीं। इन समस्याओं से निजात दिलाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए राजग के विरोध में खड़े लोगों के पास न तो तथ्य हैं और न ही उनके पास तर्क हैं। राष्ट्रहित और जनहित के लिए उठाए गए हर कदम का विरोध करना और नकारात्मकता फैलाना ही इनकी रणनीति है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरे देश के सहयोग, जनभागीदारी से अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण हो रहा है। लेकिन इस समय भी आपको उन लोगों को नहीं भूलना है, जो भगवान राम के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर रहे थे, राम मंदिर निर्माण में अड़चनें खड़ी कर रहे थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन लोगों ने झूठ फैलाया कि राजग एससी/एसटी आरक्षण को खत्म कर देगी। लेकिन आपको मालूम है कि हमारी सरकार ने ही 10 वर्षों के लिए आरक्षण को आगे बढ़ाया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब नागरिकता संशोधन कानून आया तो इन्होंने झूठ फैलाया कि बहुत सारे नागरिकों की नारिकता चली जाएगी। आज एक साल होने को है, लेकिन क्या किसी भी भारतीय की नागरिकता गई है? सिर्फ झूठ बोलकर, लोगों को डराकर ये लोग हमेशा अपने स्वार्थ की सिद्धि करते रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर से धारा-370 हटाई गई तब भी इन्होंने यही कहा कि कश्मीर में आग लग जाएगी, खून की नदियां बह जाएंगी, न जाने क्या-क्या बोला गया। आज जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शांति से विकास के नए पथ पर अग्रसर हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक पक्ष है जंगलराज का जिसने बिहार की सड़कों को खस्ताहाल बना दिया। दूसरा है राजग जिसने नए हाईवे, रेलवे, वाटरवे और एयरपोर्ट बनाकर बिहार की कनेक्टिविटी मजबूत की है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक पक्ष है जंगलराज का जिसने गरीबों के पैसों से घोटाला किया, दूसरा है राजग जिसने गरीबों के अकाउंट में सीधे पैसे पहुंचाए हैं। एक पक्ष है जंगलराज का जो किसानों के नाम पर बिचौलियों के हित की राजनीति करता है, दूसरा है राजग जो किसानों के सम्मान और स्वाभिमान के काम करता है। एक पक्ष है जिसने दशकों तक बिहार को तीन मेडिकल कॉलेज के सहारे चलाया। दूसरा है राजग जो बिहार की हर लोकसभा में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए काम कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार ने वो दिन भी देखे हैं जब रंगदारी की शिकायत करने के लिए, लोग किसी के पास जाते थे, तो उन्हें डबल रंगदारी देनी पड़ती थी। गाड़ी लूटी जाने की शिकायत करने के लिए लोग, जिसके पास अर्जी लेकर जाते थे, वो खुद लुटेरों के साथ घर में बैठा मिलता था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग अपने घरों को सामने से सजाते नहीं थे, बड़े घर बनाते नहीं थे, अपने ही घर को सामने से पुराना करके रखते थे। उन्हें डर था, खौफ था। घर जितना अच्छा, किडनैपिंग उतनी जल्दी। घर जितना बड़ा, रंगदारी भी उतनी बड़ी। यह हाल कर दिया था इन लोगों ने बिहार का।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश के कई राज्यों में उपचुनाव चल रहे हैं। देश के जिन-जिन राज्यों में उपचुनाव चल रहे हैं, मैं उन राज्यों के, उन मत क्षेत्र के मतदाताओं से भी आग्रह करता हूं कि ज्यादा से ज्यादा मतदान करें, राजग और भाजपा को जिताएं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जंगलराज के युवराज से बिहार को सतर्क और सावधान रहना है। जंगलराज वालों को चिंता है कि लालटेन कैसे जले। हमारा प्रयास है कि हर घर में चमकदार एलईडी बल्ब कैसे पहुंचे।

प्रधानमंत्री ने कहा, सरदार पटेल देश के महान नेता थे कि नहीं? सरदार साहब ने देश को एक किया कि नहीं? पूरा जीवन सिर्फ और सिर्फ देश के लिए लगाया कि नहीं? सरदार साहब कांग्रेस पार्टी के थे कि नहीं? फिर भी कांग्रेस पार्टी ने कल सरदार पटेल की जन्म जयंती पर उनका स्मरण तक नहीं किया।