केंद्रीय मंत्री ​​रविशंकर प्रसाद
केंद्रीय मंत्री ​​रविशंकर प्रसाद

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। केंद्रीय मंत्री ​​रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों से संबंधित सुधारों को लेकर जो कानून बने हैं, उसको लेकर कुछ किसान संगठनों ने जो शंका उठाई है, उसके लिए चर्चा हो रही है। चर्चा की अपनी प्रक्रिया है, जो सरकार कर रही है।

​​रविशंकर प्रसाद ने कहा, लेकिन अचानक तमाम विपक्षी या गैर-भाजपायी दल कूद गए हैं। आज जब कांग्रेस का राजनीतिक वजूद खत्म हो रहा है, ये बार-बार चुनाव में हारते हैं, चाहे वो लोकसभा हो, विधानसभा हो या नगर निगम चुनाव हो। ये अपना अस्तित्व बचाने के लिए किसी भी विरोधी आंदोलन में शामिल हो जाते हैं।

​​रविशंकर प्रसाद ने कहा कि किसान आंदोलन के नेताओं ने साफ-साफ कहा है कि राजनीतिक लोग हमारे मंच पर नहीं आएंगे। हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं। लेकिन ये सभी कूद रहे हैं, क्योंकि इन्हें भाजपा और नरेंद्र मोदी का विरोध करने का एक और मौका मिल रहा है।

​​रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने 2019 के चुनाव में अपने चुनाव घोषणा पत्र में साफ-साफ कहा है कि एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट एक्ट को समाप्त करेगी और किसानों को अपनी फसलों के निर्यात और व्यापार पर सभी बंधनों से मुक्त करेगी।

​​रविशंकर प्रसाद ने कहा कि शरद पवार जब देश के कृषि और उपभोक्ता मामलों के मंत्री थे तो उन्होंने देश के सारे मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखी थी। जिसमें उन्होंने लिखा था कि मंडी एक्ट में बदलाव जरूरी है, प्राइवेट सेक्टर का आना जरूरी है, किसानों को कहीं भी अपनी फसल बेचने का अवसर मिलना चाहिए।

​​रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज जो हमने काम किया है, आठ-नौ साल पहले मनमोहन सिंहजी की सरकार यह कर रही थी, 2005 में शरद पवार ये बोल रहे थे। जिस समय शरद पवार ये बोल रहे थे कि अगर आप सुधार नहीं करोगे तो हम वित्तीय समर्थन देना बंद कर देंगे। उस समय मनमोहन सिंह की सरकार का समर्थन सपा, राजद, सीपीआई और अन्य दल कर रहे थे।