असम: नड्डा का कांग्रेस पर निशाना- जिनकी सोच में भारत की मिट्टी नहीं, वो क्या विकास करेंगे?

जनसभा को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।
जनसभा को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।

डिब्रूगढ़/दक्षिण भारत। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सोमवार को असम के डिब्रूगढ़ में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि असम में आज की जनसभा का यह माहौल हर्षोल्लास का है, जीत का आशीर्वाद देने का है। आपका उत्साह बताता है कि आपने भाजपा को जिताना तय कर लिया है। जनता की सेवा करना, असम की चिंता करना, असम को आगे बढ़ने में योगदान देने में भाजपा सबसे आगे रही है।

नड्डा ने कहा कि लंबे समय तक पूर्वोत्तर क्षेत्र की कांग्रेस ने उपेक्षा की है, यहां विकास के पहिए को रोका है। विकास को यहां कांग्रेस ने गहरी चोट पहुंचाई थी। जब हमारी सरकार आई तो हमने असम की संस्कृति, भाषा की रक्षा की। यहां समृद्धि लाने का और सुरक्षा देने का प्रयास किया है।

नड्डा ने कहा कि जहां तक कांग्रेस का सवाल है, अवसरवाद और स्वार्थ की राजनीति ही इनका लक्ष्य रहा है। केरल में ये सीपीएम के विरुद्ध मुस्लिम लीग के साथ मिलकर लड़ रही है, बंगाल में सीपीएम के साथ लड़ रही है और असम में अजमल के साथ मिलकर लड़ रही है। ये अवसरवादिता नहीं है, तो और क्या है?

नड्डा ने कहा कि असम में भाजपा सरकार के आने का बाद नामघरों को सुरक्षित करने का काम हुआ है। भाजपा की सरकार ने 2.5 लाख रुपए हर नामघर के लिए दिए हैं। असम दर्शन के तरह करीब 9,000 नामघरों का काम चल रहा है। ये संस्कृति के संरक्षण की दृष्टि से हो रहा है।

नड्डा ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में बोडो आंदोलन के दौरान करीब 2,155 लोग मारे गए थे, 2084 सुरक्षा कर्मी मारे गए थे, 1,300 लोगों का अपहरण हुआ था। भाजपा सरकार के आने के बाद बोडो आंदोलन, समझौते में परिवर्तित हुआ है, उनके विकास के लिए 1,500 करोड़ रुपए भी दिए गए हैं।

नड्डा ने कहा कि मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे और यहां से सांसद रहे, लेकिन गैस पर रॉयल्टी नहीं दे सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गैस पर रॉयल्टी दी और 8,000 करोड़ रुपए आप तक पहुंचाने का काम किया।

नड्डा ने कहा कि इस वर्ष बजट में 53,000 करोड़ रुपए असम को दिए गए हैं। 35,000 करोड़ रुपए नेशनल हाइवे के लिए दिए गए हैं और 1,000 करोड़ रुपए सिर्फ चाय बागानों और वहां रहने वालों के विकास के लिए दिए गए हैं।

नड्डा ने कहा कि यह चुनाव असम की संस्कृति की रक्षा, सुरक्षा और समृद्धि का चुनाव है। कांग्रेस को वोट देने का मतलब है अवसरवादी राजनीति को बढ़ावा देना, विकास को धता बताना और असम को अंधकार में धकेल देना।

नड्डा ने कहा कि कांग्रेस के नेता जब-जब यहां आए तो चाय के बागान के साथ अपनी तस्वीर दिखाने की कोशिश की। लेकिन वो चाय का बागान यहां का नहीं था, ताइवान का था और श्रीलंका का था। जिन लोगों की सोच में भारत की मिट्टी नहीं है, वो क्या विकास करेंगे?