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भाजपा का उत्कर्ष आना अभी बाकी, पश्चिम बंगाल में पार्टी का अप्रत्याशित उभार: नड्डा
वर्ष 20106 के चुनाव में भाजपा का वोट प्रतिशत जहां नगण्य था, वहीं पिछले चुनाव में उसे 38 प्रतिशत के करीब मत मिले
 
नड्डा ने कहा कि राजनीति विज्ञान की दृष्टि से यदि कोई भाजपा के उभार का विश्लेषण करेगा तो पाएगा कि भारतीय राजनीतिक इतिहास में ऐसा बहुत कम हुआ है

नई दिल्ली/भाषा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत पांच राज्यों में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार करने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए रविवार को कुछ लक्ष्य निर्धारित किए और दावा किया कि पार्टी पिछले सात सालों से केंद्र की सत्ता में है और पूरब से लेकर पश्चिम तथा उत्तर से लेकर दक्षिण तक कई राज्यों में उसकी सरकारें भी हैं लेकिन उसका उत्कर्ष आना अभी बाकी है।

राजधानी के एनडीएमसी सम्मेलन कक्ष में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए नड्डा ने सिखों को भी साधने का प्रयास किया और इस कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से उठाए गए विभिन्न कदमों को उल्लेख किया, जिनमें 1984 के दंगों के आरोपियों को सजा दिलाने, गुरुद्वारों को विदेशों से मिलने वाली वित्तीय सहायताओं की व्यवस्था करना और लंगर सेवा को जीएसटी के दायरे से बाहर रखना शामिल है।

नड्डा के भाषण की विस्तृत जानकारी देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने संवाददाताओं से कहा कि कार्यकारिणी ने कोविड-19 महामारी के दौरान देश को ‘‘कुशल नेतृत्व’’ देने और 80 करोड़ से अधिक गरीब जनता को मुफ्त अनाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए सराहना की।

उन्होंने बताया कि नड्डा ने इसे मानव इतिहास का सबसे बड़ा अनाज कार्यक्रम करार दिया। पश्चिम बंगाल में भाजपा के उभार का उल्लेख करते हुए नड्डा ने कहा कि राजनीति विज्ञान की दृष्टि से यदि कोई भाजपा के उभार का विश्लेषण करेगा तो पाएगा कि भारतीय राजनीतिक इतिहास में ऐसा बहुत कम हुआ है।

प्रधान के मुताबिक नड्डा ने कहा, ‘लगभग 10 करोड़ वाले इस राज्य में भाजपा के प्रति जन आस्था में तीव्र विकास हुआ है। वर्ष 20106 के चुनाव में भाजपा का वोट प्रतिशत जहां नगण्य था, वहीं पिछले चुनाव में उसे 38 प्रतिशत के करीब मत मिले। पार्टी ने लोकसभा की 18 सीटें जीती और विधानसभा में 77 सीटें।’

नड्डा ने अपने संबोधन में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन का विशेष उल्लेख किया और आरोप लगाया कि चुनाव बाद हिंसा में राज्य में पार्टी के 53 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई, जबकि एक लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में भाजपा प्रजातांत्रिक तरीके से लड़ाई लड़ेगी और अराजक तत्वों को जवाब देगी।

नड्डा ने कहा, ‘बंगाल की जनता के साथ भाजपा चट्टान की तरह खड़ी है। आने वाले समय में जब भी बंगाल में चुनाव होगा तब भाजपा प्रजातांत्रिक तरीके से बंगाल को बचाने के लिए, बंगाल में प्रजातंत्र और संविधान को बहाल करने के लिए अपनी लड़ाई लड़ेगी।’

उन्होंने कहा कि भाजपा का जहां लगातार विस्तार हो रहा है, वहीं उसके सामने अभी कुछ चुनौतियां भी हैं। बैठक में इनकी समीक्षा की गई और केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा ओर तेलंगाना में संगठन को ओर मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘भाजपा का उत्कर्ष आना अभी बाकी है।’

नड्डा ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में संगठन को मजबूत बनाने के लिए इस साल 25 दिसंबर तक सभी मतदान केंद्रों में बूथ समितियों का गठन, अप्रैल 2022 तक पूरे देश में पन्ना प्रमुखों की समिति का गठन और प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को बूथ स्तर पर सुनने की व्यवस्था करने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का लक्ष्य निर्धारित किया।

भाजपा अध्यक्ष ने कोरोना काल में रिकॉर्ड टीकाकरण, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, नागरिकता संशोधन कानून लाने, किसानों तक विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने, दलितों, आदिवासियों व पिछड़ों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया।

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी और नड्डा सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। इसके बाद नड्डा का अध्यक्षीय संबोधन हुआ। बैठक का समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से होगा।

कोरोना महामारी के सामने आने के बाद इस पहली आमने-सामने की बैठक में भाजपा अध्यक्ष नड्डा समेत राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 124 सदस्य व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए, जबकि मुख्यमंत्री और 36 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदेश अध्यक्षों के नेतृत्व में राज्य इकाइयां डिजिटल माध्यम से बैठक से जुड़ीं।

पार्टी के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी अपने-अपने निवास पर डिजिटल माध्यम से राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर मंथन हुआ और एक राजनीतिक प्रस्ताव भी पारित किया गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह प्रस्ताव पेश किया। इसमें केंद्र सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का उल्लेख किया गया है।

राजनीतिक प्रस्ताव के विषयों की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसमें मुख्य तौर पर यह उल्लेख है कि ‘आगामी चुनावों में हमें पार्टी की जीत सुनिश्चित करनी है।’
उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में जीत के लिए भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सकारात्मक माहौल है और कार्यकर्ताओं में उत्साह का वातावरण है।

राजनीतिक प्रस्ताव में विपक्ष की अवसरवादी राजनीति की आलोचना करते हए आरोप लगाया गया कि उसने महामारी के दौरान भय का वातावरण खड़ा करने की कोशिश की। भाजपा महासचिव तरूण चुग ने शोक प्रस्ताव पेश किया और दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यकारिणी की यह बैठक दो साल बाद हो रही है। कोरोना संक्रमण के चलते 2019 के बाद यह बैठक नहीं हो सकी थी।

कार्यक्रम स्थल भाजपा के झंडों और प्रधानमंत्री मोदी व नड्डा सहित अन्य नेताओं के पोस्टरों से पटा पड़ा है। ऐसे ही कुछ पोस्टरों में मोदी को ‘विश्व प्रिय’ नेता बताया गया है। कार्यक्रम स्थल के मुख्य द्वार पर एक तरफ मोदी तो दूसरी तरफ नड्डा की आदमकद तस्वीर लगी है और साथ ही वहां उल्लेख किया गया है ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम, जन सामर्थ्य से देश रच रहा इतिहास।’

कार्यक्रम में शामिल होने वाले नेताओं को तापमान जांच सहित कोविड से बचाव की अन्य प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ रहा है। दिल्ली प्रदेश भाजपा की ओर से कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी नेताओं का ढोल-नगाड़े और नारेबाजी के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान वहां कुछ महिलाएं छठ पूजा की सामग्री के साथ छठ से जुड़े पारंपरिक गीत गाती नजर आईं। यहां एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें कोविड टीकाकरण सहित केंद्र सरकार की अन्य उपलब्धियों का बखान किया गया है।

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