केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लक्ष्‍मी विलास बैंक लिमिटेड (एलवीबी) के डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड (डीबीआईएल) में विलय की योजना को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। मंत्रिमंडल के अनुसार, जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा और वित्तीय एवं बैंकिंग स्थिरता के लिए यह कदम उठाया गया है।

इसके लिए बैंकिंग विनियमन कानून, 1949 के सेक्‍शन 45 के अंतर्गत आरबीआई के आवेदन पर विलय की योजना पर अमल किया जाएगा। बता दें कि आरबीआई ने 17 नवंबर को एलवीबी पर 30 दिनों के लिए मोरेटोरियम लगा दिया था। साथ ही, बैंक के निदेशक मंडल पर प्रशासक नियुक्ति कर दिया था।

आरबीआई ने विलय की उक्त योजना तैयार करने के बाद इसे सरकार की मंजूरी के लिए पेश किया था। बताया गया कि मोरेटोरियम अवधि खत्म होने से पहले ही यह कार्य कर दिया जाएगा, जिससे जमाकर्ताओं को दिक्कत नहीं होगी। योजना के अनुसार, बैंक का विलय होने पर जमाकर्ता अपने धन का पूर्व की भांति लेनदेन कर सकेंगे और इस संबंध में कोई पाबंदी नहीं होगी।

बता दें कि डीबीआईएल बैंकिंग कंपनी है। सिंगापुर में मुख्यालय वाली इस कंपनी के पास भारत में आरबीआई का लाइसेंस है। दी गई जानकारी के अनुसार, इस कंपनी के पास संचालन के लिए पर्याप्त पूंजी है और इसकी बैलेंस शीट मजबूत है।