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न्यायालय का कर्नाटक और केरल के बीच आवाजाही पर राज्य सरकार द्वारा रोक संबंधी फैसले के खिलाफ याचिका पर विचार से इन्कार
शीर्ष अदालत केरल उच्च न्यायालय के 28 सितंबर के आदेश के खिलाफ मंजेश्वर विधान सभा क्षेत्र के विधायक एकेएम अशरफ की अपील पर सुनवाई कर रही थी
 
शीर्ष अदालत ने कहा कि इसके अलावा केरल से कर्नाटक की जनता की आवाजाही पर कोई पाबंदी नहीं है

नई दिल्ली/भाषा। उच्चतम न्यायालय ने केरल से कासरगोड और मेंगलूरु की सीमाओं पर सीमित प्रवेश देने के कर्नाटक सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया और कहा कि इससे लोगों के मौलिक अधिकारों का कोई उल्लंघन नहीं हो रहा। राज्य सरकार ने केवल उन लोगों को प्रवेश की अनुमति दी है जिनके पास आरटी-पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट है।

न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति बीआर गवई की पीठ ने कहा कि कोविड अभी समाप्त नहीं हुआ है और जो शर्तें लगाई गयी हैं वो अनुचित नहीं हैं तथा व्यापक जनहित में लागू की गयी हैं।

शीर्ष अदालत ने कहा कि इसके अलावा केरल से कर्नाटक की जनता की आवाजाही पर कोई पाबंदी नहीं है।

पीठ ने कहा कि कर्नाटक सरकार ने 31 जुलाई, 2021 को एक संशोधित परिपत्र जारी करके पहले की पाबंदियों में राहत दी है। उसने कहा कि यात्रा की तारीख से 15 दिन के भीतर आरटी-पीसीआर जांच की अनिवार्यता में ढील दी गई है।

शीर्ष अदालत केरल उच्च न्यायालय के 28 सितंबर के आदेश के खिलाफ मंजेश्वर विधान सभा क्षेत्र के विधायक एकेएम अशरफ की अपील पर सुनवाई कर रही थी।

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