सुब्रमण्यम स्वामी का सुझाव: दिल्ली का नाम बदलकर किया जाए यह, वरना होते रहेंगे टकराव

वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी। फोटो स्रोत: ट्विटर अकाउंट।
वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी। फोटो स्रोत: ट्विटर अकाउंट।

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी सोशल मीडिया पर खासे सक्रिय व लोकप्रिय हैं। उनके विचारों को प्रशंसक हाथोंहाथ लेते हैं। वे अक्सर अपनी अनूठी टिप्पणी की वजह से चर्चा में रहते हैं।

इन दिनों स्वामी फिर चर्चा में हैं और वजह है उनका एक ट्वीट। दरअसल स्वामी ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का नाम बदल दिया जाए। उन्होंने इसके लिए प्राचीन नाम ‘इंद्रप्रस्थ’ सुझाया है। इसके साथ ही स्वामी ने यह दावा भी किया कि जब तक देश की राजधानी का नाम दिल्ली से बदलकर इंद्रप्रस्थ नहीं किया जाता, यहां टकराव होते रहेंगे।

यही नहीं, स्वामी ने नाम परिव​र्तन की इस मांग के लिए एक शोध के साथ ही तमिलनाडु के संत के ‘विचारों’ का उल्लेख किया है। सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट किया, ‘हिंदू पुनर्जागरण के लिए नई दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने की आवश्यकता है।’

स्वामी इससे आगे एक शोध का हवाला देते हुए कहते हैं, ‘नाम बदलने के लिए द्रौपदी ट्रस्ट की डॉ. नीरा मिश्रा का शोध पर्याप्त है। तमिलनाडु के एक महान संत ने मुझसे कहा था कि जब तक भारत की राजधानी का नाम इंद्रप्रस्थ नहीं होगा, हम एक राष्ट्र के तौर पर संघर्ष की स्थिति में बने रहेंगे।’

उल्लेखनीय है कि डॉ. नीरा मिश्रा के शोध में यह सिद्ध किया गया है कि प्राचीन काल में दिल्ली का नाम इंद्रप्रस्थ था। राष्ट्रीय राजधानी के नामकरण को लेकर पहले भी कई लोग मांग कर चुके हैं। इनमें इंद्रप्रस्थ सबसे ज्यादा चर्चित नाम रहा है। इसका संबंध महाभारत काल से माना जाता है।