केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से कोरोना के मामलों की घटती संख्या के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का नाम भी काफी चर्चा में है। माना जा रहा है कि जब दिल्ली में कोरोना का विस्फोट हुआ और बहुत तेजी से मामले बढ़ने लगे, तब शाह ने जिस प्रकार कमान संभालते हुए इस स्थिति से निपटने की रणनीति बनाई, अस्पतालों का दौरा किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, उससे यहां महामारी काबू में आ रही है।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने आंकड़ों के साथ ट्वीट किया, ‘दिल्ली में कोविड-19 के मद्देनजर जमीनी हालात में सुधार हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के विजन को साकार करने के लिए गृह मंत्री अमित शाहजी के अथक प्रयासों से 20,000 से अधिक बेड जुड़ गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली के लोगों को काफी राहत मिली है।’

ट्वीट में रेड्डी बताते हैं कि 15 जून को पिछले चौबीस घंटों में कोरोना के मामले 1,647 थे जो 20 जुलाई को घटकर 954 हो गए। इसी प्रकार, क्युमुलेटिव टेस्ट 2,96,697 थे जिनमें काफी इजाफा कर 8,30,459 कर दिया गया।

रेड्डी द्वारा किए गए ट्वीट के अनुसार, 15 जून को रिकवरी दर 38.35 प्रतिशत ​थी। यह 20 जुलाई को 84.78 प्रतिशत हो गई, जिसे संक्रमितों द्वारा कोरोना को पराजित कर स्वस्थ होने का सबसे बड़ा प्रमाण कहा जा सकता है।

इसी प्रकार, मृत्यु दर 15 जून को 3.27 प्रतिशत थी, वह 20 जुलाई को घटकर 2.96 प्रतिशत हो गई। दिल्ली में प्रति 10 लाख आबादी पर टेस्ट बढ़ाए गए ताकि संक्रमितों को उपचार मुहैया कराकर बीमारी को आगे बढ़ने से रोका जा सके। 15 जून को इनकी संख्या 15,616 थी जो 20 जुलाई को 43,708 हो गई।

राष्ट्रीय राजधानी में डबलिंग दर (दिन) में भी काफी सुधार हुआ है। 15 जून को यह आंकड़ा 14.1 था। यह जुलाई को बढ़कर 22.21 हो गया। आंकड़े बताते हैं कि कोरोना से जंग में दिल्ली जीत रही है।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता भी इस बात पर जोर देते हैं कि शाह के दिशा-निर्देशों और रणनीति का राष्ट्रीय राजधानी को फायदा मिला। आंकड़ों पर गौर करें तो कभी हर रोज चार हजार तक संक्रमितों का आंकड़ा छूने के बाद अब यहां हजार तक मरीज सामने आ रहे हैं। अभी पूर्ण रूप से महामारी पर नियंत्रण पाना बाकी है लेकिन संक्रमितों की संख्या में यह बड़ी गिरावट है।

आदेश गुप्ता कहते हैं, ‘दिल्ली में कोरोना संक्रमण की बिगड़ती स्थिति को देख गृहमंत्री अमित शाहजी ने स्वयं दिल्ली की कमान संभाली और जनता को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए। उन्हीं फैसलों का परिणाम है कि आज लोगों के बीच डर का माहौल खत्म हुआ और स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।’

उन्होंने कहा, ‘दिल्ली में कोरोना संक्रमण की रफ़्तार कम हो रही है। भाजपा सरकार रणनीति के साथ काम कर रही है। जब केजरीवाल सरकार ने कोरोना के आगे घुटने टेक दिए थे तब प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अमित शाहजी ने कमान संभाली, जिससे लगातार कोरोना संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं।’

उन्होंने कहा, ‘केजरीवालजी के राज में कोरोना पीड़ित बीमार होने पर कहां जाए, पता नहीं था। अमित शाहजी ने 14 जून के बाद से व्यवस्था को बल देने का जिम्मा स्वयं लिया और दिल्ली के सभी जिलों को स्पेसिफिक कोरोना अस्पतालों से जोड़ा। साथ ही दिल्ली के सभी कोविड बेड्स को सीसीटीवी की निगरानी में लेकर आए।’