मत भूलिए… सब मिलकर ही जीत सकेंगे कोरोना से

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आपको पता ही है कि इस समय कोरोना वायरस वैश्विक संकट बन चुका है। भारत के लिए भी यह संकट चुनौती बना हुआ है। इस चुनोती के मद्देनजर केन्द्र सरकार ने पूरे देशवासियों के लिए दिशा निर्देश जारी कर रखे हैं। इसमें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है सोशल डिस्टेंसिंग। यह तभी संभव है जब देश का हर नागरिक अपने घर के अंदर रहे। निर्देशों का दृढता से पालन करे। जब तक बहुत ही ज्यादा जरूरी न हो तब तक कोई भी घर से बाहर न निकले। इसमें संदेह नहीं कि अगर हर व्यक्ति इसे अपना दायित्व समझ ले तो हम कोरोना से लड़ाई जीत लेंगे।

हमारी थोड़ी सी लापरवाही हमें और हमारे देश को गंभीर संकट में डाल सकती है। अगर घर के किसी सदस्य में कोरोना के जरा से भी लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सक से सम्पर्क करना चाहिए। केन्द्र और राज्य सरकारों ने राशन, सब्जी, दवा, दूध आदि की दुकानें खुली रखने का निर्देश दे रखा है और इन दुकानों में पर्याप्त सामान उपलब्ध है।

जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इस बात का प्रशासन पूरा खयाल रख रहा है। पुलिस भी अपना दायित्व सराहनीय ढंग से निभा रही है। इसका मतलब यह नहीं है कि लोग बिना आवश्यक कार्य किसी न किसी बहाने घर से बाहर निकल कर सड़कों पर उतर जाएं। हर व्यक्ति को यह बात गंभीरता से समझ लेनी चाहिए कि सरकार यह सब व्यवस्थाएं और दिशानिर्देश हमारे भले के लिए कर रही है। इसलिए हर हाल में घर पर रहना चाहिए।

माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने वक्तव्य में साफ साफ कहा है कि यह लड़ाई हमें लंबे समय तक लड़नी होगी। इससे स्पष्ट होता है कि हमें परिस्थितियों से निपटने के लिए धैर्यपूर्वक सरकार और प्रशासन के दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए तैयार रहना चाहिए। हमें यह समझना चाहिए कि विश्व के अनेक देश हमारे से ज्यादा बड़ी कठिनाई में हैं। हम कम से कम उनसे तो बेहतर स्थिति में हैं। यदि हम सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कोरोना से लड़ी जा रही लड़ाई में एकजुटता और दृढता से खड़े रहे तो हम बड़े से बड़े संकट से भी निपटने में सक्षम होंगे।

आइए हम संकल्प लें….

हम अपने घर में ही रहेंगे
हर हाल में घर में रहेंगे।

जनहित में जारी
दक्षिण भारत राष्ट्रमत