महामारी से लड़ रहे डॉक्टर, इधर इस शख्स ने बना दिया ‘कोरोना मैया’ का मंदिर!

प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

कोल्लम/दक्षिण भारत। देश-दुनिया में कोरोना का कहर जारी है, इस बीच एक शख्स ने मंदिर में ‘कोरोना देवी’ की स्थापना कर दी है। यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है जहां लोग इसे एक अंधविश्वास करार दे रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, कडक्कल निवासी अनिलन ने अपने घर के पास एक मंदिर बनाकर उसमें ‘कोरोना देवी’ की प्रतिमा स्थापित की है। इसका आकार वायरस की उन तस्वीरों जैसा है जिन्हें अक्सर समाचारपत्रों और सोशल मीडिया में देखा जाता है।

अनिलन इसे 33 करोड़ देवी-देवताओं में से एक बताते हैं। उन्होंने कहा कि वे महामारी के खिलाफ लोगों की सुरक्षा के लिए कोरोना देवी के सामने पूजा-अर्चना करेंगे। हालांकि इस दौरान दूसरों के लिए दर्शन पर प्रतिबंध रहेगा क्योंकि यह मंदिर खोले जाने को लेकर ‘राजनीतिक दुष्प्रचार’ का विरोध है।

अनिलन आरोप लगाते हैं कि लोग सियासी फायदे के लिए देवताओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। चूंकि भगवान तो सर्वत्र हैं, तो वे वायरस में भी मौजूद होंगे! वायरस को देवी के रूप में पूजना हमारे लिए कोई अनजान प्रथा नहीं है।

अनिलन ने बताया कि केरल में चेचक और अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रतीकात्मक रूप से देवी-देवताओं का पूजन किया जाता है। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने ‘कोरोना देवी’ की स्थापना कर दी।

अनिलन के अनुसार, इस ‘देवी’ का प्रसाद लोगों को डाक से भेजा जाएगा। वे यह स्थान वैज्ञानिकों, ​डॉक्टरों, चिकित्साकर्मियों और उन सभी लोगों को समर्पित करते हैं जो महामारी में लोगों की जान बचाने में जुटे हैं।

दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस प्रयास की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसा प्रयास महामारी से जूझ रहे कोरोना योद्धाओं के प्रति सम्मान व जागरूकता से ज्यादा अंधविश्वास का प्रसार करेगा। अध्यात्म में श्रद्धा रखना अच्छा है लेकिन वायरस के नाम पर इस प्रकार देवी का निर्माण कर देना अनुचित है। महामारी के खिलाफ युद्ध को वैज्ञानिक तरीकों और सबके सहयोग से ही जीता जा सकता है। बता दें कि इंदौर में भी ऐसे ही एक ‘कोरोना मंदिर’ का मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में रह चुका है।