ओडिशा में चिकित्सक ने गरीब लोगों के लिए ‘एक रुपया’ क्लिनिक खोला

प्रतीकात्मक चित्र। स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। स्रोत: PixaBay

सम्बलपुर/भाषा। ओडिशा के सम्बलपुर जिले में एक चिकित्सक ने गरीबों और वंचितों को उपचार मुहैया कराने के लिए ‘एक रुपया’ क्लिनिक खोला है। ‘वीर सुरेंद्र साई इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च’ (विम्सर) के मेडिसिन विभाग में सहायक प्रोफेसर शंकर रामचंदानी ने बुरला कस्बे में यह क्लिनिक खोला है, जहां मरीजों को उपचार कराने के लिए मात्र एक रुपया शुल्क देना होगा।

रामचंदानी (38) ने कहा कि वे गरीबों और वंचितों के लिए मुफ्त में उपचार मुहैया कराने के लंबे समय से इच्छुक थे और यह क्लिनिक इसी इच्छा को पूरा करने की दिशा में उठाया गया कदम है।

चिकित्सक ने कहा, ‘मैंने विम्सर में सीनियर रेजीडेंट के तौर पर काम करना शुरू किया था और सीनियर रेजींडेट को निजी क्लिनिक में उपचार की सुविधा देने की अनुमति नहीं है, इसलिए मैं उस समय ‘एक रुपया’ क्लिनिक आरंभ नहीं कर सका। हाल में मुझे सहायक प्रोफेसर के पद पर पदोन्नत किया गया और सहायक प्रोफेसर के तौर पर मुझे कार्य के घंटों के बाद निजी क्लिनिक में काम करने की अनुमति है, इसलिए मैंने किराए के मकान में अपना क्लिनिक शुरू किया है।’

यह पूछे जाने पर कि वह एक रुपया क्यों लेते हैं, रामचंदानी ने कहा, ‘मैं गरीबों एवं वंचितों से एक रुपया लेता हूं, क्योंकि मैं नहीं चाहता कि वे यह महसूस करें कि वे निशुल्क में सेवा ले रहे हैं। उन्हें लगना चाहिए कि उन्होंने अपने उपचार के लिए कुछ राशि दी है।’

बुरला के कच्चा मार्केट इलाके में यह क्लिनिक सुबह सात से आठ बजे तक और शाम छह बजे से सात बजे तक खुला रहेगा। रामचंदानी ने कहा कि उनकी पत्नी शिखा रामचंदानी दंत चिकित्सक हैं और वे भी उनकी मदद कर रही हैं। क्लिनिक का शुक्रवार को उद्घाटन किया गया था और पहले दिन 33 मरीज उनके क्लिनिक में आए।

एक कुष्ठ रोगी को अपनी गोद में उठाकर उसे उसके घर तक पहुंचाने के कारण 2019 में सुर्खियों में आए रामचंदानी ने कहा, ‘मेरे दिवंगत पिता ब्रह्मानंद रामचंदानी ने मुझे नर्सिंग होम खोलने को कहा था, लेकिन इसके लिए बड़े निवेश की आवश्यकता होगी और उसमें गरीबों को एक रुपए में इलाज मुहैया कराना संभव नहीं हो पाएगा, इसलिए मैंने ‘एक रुपया’ क्लिनिक खोला है।’