शंकरसिंह वाघेला
शंकरसिंह वाघेला

अहमदाबाद/भाषा। गुजरात के वरिष्ठ नेता शंकरसिंह वाघेला ने सोमवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से इस्तीफा दे दिया। वे पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष पद से हटाए जाने और हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में राकांपा के एकमात्र विधायक द्वारा क्रॉस-वोटिंग किए जाने से अप्रसन्न थे।

वाघेला ने राष्ट्रीय महासचिव पद के साथ-साथ शरद पवार नीत पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी अपना इस्तीफा दे दिया। वे कांग्रेस छोड़ने के दो साल बाद 2019 में राकांपा में शामिल हो गए थे।

अपने इस्तीफे के बाद उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी किया और राकांपा विधायक कांधल जडेजा द्वारा पार्टी व्हिप का उल्लंघन कर राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने पर नाराजगी जताई।

पूर्व मुख्यमंत्री (79) ने कहा कि वे अपने समर्थकों की इच्छा का सम्मान करेंगे और सार्वजनिक जीवन में बने रहेंगे। वाघेला अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कई दलों में रहे। वे जनसंघ के दिनों से ही भाजपा के साथ थे। वे 1996 में भाजपा का विभाजन करने के बाद मुख्यमंत्री बने। उन्होंने 1997 में अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर लिया था।