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पूर्व सीएम, राज्यपाल, 10 बार विधायक, राम मंदिर आंदोलन में भूमिका; ऐसा रहा कल्याण सिंह का जीवन
 
पूर्व सीएम, राज्यपाल, 10 बार विधायक, राम मंदिर आंदोलन में भूमिका; ऐसा रहा कल्याण सिंह का जीवन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कल्याण सिंह की एक तस्वीर। स्रोत: प्रधानमंत्री ट्विटर अकाउंट।

लखनऊ/नई दिल्ली/भाषा। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कल्याण सिंह का शनिवार रात करीब सवा नौ बजे लखनऊ में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। सिंह का अंतिम संस्कार 23 अगस्त को नरौरा में गंगा तट पर किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। उन्होंने प्रदेश में 23 अगस्त को एक दिन के सार्वजनिक अवकाश की भी घोषणा की है।

संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) द्वारा शनिवार रात जारी बयान में बताया गया कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्हें चार जुलाई को गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया गया था। लंबी बीमारी और विभिन्न अंगों के काम नहीं करने के कारण शनिवार रात उनका निधन हो गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंह के निधन पर शोक जताया और कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई तथा आने वाली पीढ़ियां इसके लिए उनकी आभारी रहेंगी। उन्होंने कल्याण सिंह के पुत्र राजवीर सिंह से बात की और संवेदनाएं प्रकट कीं।

प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ‘दुख की इस घड़ी में मेरे पास शब्द नहीं हैं। कल्याण सिंह जमीन से जुड़े बड़े राजनेता और कुशल प्रशासक होने के साथ-साथ एक महान व्यक्तित्व के स्वामी थे। उत्तर प्रदेश के विकास में उनका योगदान अमिट है। शोक की इस घड़ी में उनके परिजनों और समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।’

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कल्याण सिंह के निधन पर शोक जताया और कहा कि उनका जनता के साथ अद्भुत जुड़ाव था। वहीं, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें राष्ट्रवादी तथा बेमिसाल नेता बताया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के बाहर पत्रकारों से कहा, ‘हम सबके लिए दुखद समाचार है, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कल्याण सिंह जी हमारे बीच नहीं रहें। विगत दो माह से कल्याण सिंह अस्वस्थ थे, आज रात सवा नौ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।’

उन्होंने कहा, ‘हम सब दुखी हैं, उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री और एक जननेता के रूप में कल्याण सिंह ने शासन में शुचिता, दृढ़ता एवं मूल्यों के प्रति अपने कार्यकाल के दौरान जो आदर्श प्रस्तुत किये, वे आज भी मानक बने हुए हैं।’

योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘श्री रामजन्मभूमि मंदिर आंदोलन के वह अग्रणी नेता थे। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के पावन स्थल पर भव्य राम मंदिर के निर्माण का कार्य आगे बढ़े, इसके लिये आवश्यकता पड़ी तो सत्ता छोड़ने में भी उन्हें कोई संकोच नहीं था। छह दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिरने के बाद इस बात की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने तत्काल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। कल्याण सिंह जी का जाना न केवल समाज का और भारतीय राजनीति का अपितु भारतीय जनता पार्टी की भी अपूरणीय क्षति है। मैं दिवगंत आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं।’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिंह के निधन पर शोक जताया और कहा कि वह एक ऐसे ‘विराट वटवृक्ष’ थे जिनकी छाया में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का संगठन पनपा और उसका विस्तार हुआ। शाह ने कहा कि कल्याण सिंह के निधन से पार्टी में ऐसी रिक्तता आई है जिसे लंबे समय तक भर पाना संभव नहीं है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश ही नहीं भारतीय राजनीति की वह कद्दावर हस्ती थे, जिन्होंने अपने व्यक्तित्व एवं कृतित्व से देश और समाज पर एक अमिट छाप छोड़ी। उनका लम्बा राजनीतिक जीवन जनता-जनार्दन की सेवा में समर्पित रहा। वे उत्तर प्रदेश के अत्यंत लोकप्रिय मुख्यमंत्री के रूप में जाने गए।’

वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कल्याण सिंह के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में तीन दिन के राजकीय शोक के साथ ही पार्टी का भी कोई कार्यक्रम आगामी तीन दिन नहीं होगा।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, ‘उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह जी का निधन ह्रदय विदारक है। भगवान दिवगंत आत्मा को शांति एवं शोक संतप्त परिवार को दुख सहने की शक्ति दें। विनम्र श्रद्धांजलि।’

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने ट्वीट कर कहा, ‘भाजपा के कद्दावर नेता व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजस्थान के राज्यपाल रहे कल्याण सिंह के निधन की खबर अति दुखद है। उनके परिवार व समर्थकों आदि के प्रति मेरी गहरी संवेदना। कुदरत उन सबको इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।’

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, राम मंदिर आंदोलन से जुड़े चंपत राय, राम विलास वेंदाती, विनय कटियार, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत कई नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

अलीगढ़ जिले के मढ़ौली ग्राम में तेजपाल सिंह लोधी और सीता देवी के घर पांच जनवरी 1932 को जन्मे कल्‍याण सिंह पहली बार 1967 में जनसंघ के टिकट पर अलीगढ़ जिले की अतरौली सीट से विधानसभा सदस्य चुने गए और इसके बाद 2002 तक दस बार विधायक बने।