पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली
पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। पूर्व वित्त मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का शनिवार को निधन हो गया। वे 66 साल के थे। उन्होंने एम्स में दोपहर 12.07 बजे आखिरी सांस ली। कई दिनों से जेटली का स्वास्थ्य ठीक नहीं था। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, जिसके बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। जेटली के निधन का समाचार मिलने पर भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई।

साल 2018 में उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। इस साल मई में नई सरकार में उनकी भूमिका को लेकर लगाए जा रहे कयासों के बाद उन्होंने एक चिट्ठी जारी की थी। उसमें वरिष्ठ भाजपा नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया था कि उन्हें कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाए। उन्होंने कहा था कि सेहत और इलाज कराने के लिए समुचित समय तक नई सरकार में कोई दायित्व नहीं दिया जाए।

28 दिसंबर, 1952 को दिल्ली में जन्मे अरुण जेटली प्रख्यात वकील भी थे। उन्होंने छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे। उनके पिता महाराज किशन जेटली भी वकील थे। वहीं, माता रतन प्रभा जेटली गृहिणी थीं। अरुण जेटली ने 1977 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की थी। जेटली सत्तर के दशक में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेता रहे और 1974 में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष बने। आपातकाल के दौरान वे 19 महीने तक हिरासत में रहे।

अरुण जेटली पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की सरकार में भी मंत्री रहे। इसके अलावा 2009 से 2014 तक राज्यसभा में विपक्ष के नेता रहे। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली पहली सरकार में वित्त मंत्री थे। स्वास्थ्य ठीक नहीं होने की वजह से उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा।