अमर सिंह
अमर सिंह

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। राज्यसभा सांसद अमर सिंह का शनिवार को सिंगापुर के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे 64 साल के थे। उनका कई महीनों से इलाज चल रहा था और हाल में उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया था।

इससे पहले, शनिवार को ही उन्होंने ट्वीट कर स्वतंत्रता सेनानी और शिक्षाविद् बाल गंगाधर तिलक को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की थी। उन्होंने ईद-उल-अज़हा की शुभकामनाएं भी दी थीं।

बता दें कि फरवरी 2013 में, अमर सिंह दुबई हवाईअड्डे पर बेहोश हो गए थे, जब वे नियमित चिकित्सा जांच के लिए सिंगापुर जा रहे थे। उस घटना से कुछ साल पहले किडनी की बीमारी के कारण उनका इलाज सिंगापुर के एक अस्पताल में हुआ था।

अमर सिंह का ट्विटर प्रोफाइल बताता है कि वे अपनी बीमारी के बावजूद सोशल मीडिया पर बहुत सक्रिय थे। उन्होंने 22 मार्च को अस्पताल के बिस्तर से ट्विटर पर एक छोटा वीडियो संदेश पोस्ट किया था। उस वीडियो में, उन्होंने अपने सभी समर्थकों से कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साथ देने की अपील की थी।

वहीं, मार्च में अमर सिंह के निधन की अफवाह फैलने पर उन्होंने एक वीडियो पोस्ट कर कहा था, ‘टाइगर ज़िंदा है।’ कभी सपा में रहकर मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे अमर सिंह के लिए इस पार्टी के दरवाजे बंद हुए तो उन्होंने अपने बूते सियासत में आगे बढ़ने की कोशिश की लेकिन खास कामयाबी नहीं मिली।

अमर सिंह ने 6 जनवरी, 2010 को सपा के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था और बाद में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। उन्होंने 2011 में खुद का राजनीतिक संगठन राष्ट्रीय लोक मंच बनाया और 2012 के उप्र विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारे। वे 2014 में अजीत सिंह के राष्ट्रीय लोक दल में शामिल हो गए। वे सोशल मीडिया के जरिए अपने विरोधियों पर करारा प्रहार करते थे और उनके वीडियो खूब शेयर किए जाते थे।