निजता पर बहस के बीच वॉट्सऐप की उपयोक्ता नीति में बदलाव की समीक्षा कर रही है सरकार

वॉट्सऐप। फोटो स्रोत: PixaBay
वॉट्सऐप। फोटो स्रोत: PixaBay

नई दिल्ली/भाषा। सरकार वॉट्सऐप द्वारा हाल में घोषित निजता नीति में बदलाव की समीक्षा कर रही है। सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। यह समीक्षा ऐसे समय की जा रही है जबकि वॉट्सऐप के हालिया विवादास्पद बदलावों को लेकर बहस छिड़ी हुई है। इसके तहत वॉट्सऐप के प्रयोगकर्ताओं के डेटा को फेसबुक के अन्य उत्पादों और सेवाओं से जोड़ा गया है।

सूत्रों ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में फेसबुक के स्वामित्व वाले मैसेजिंग मंच के हालिया कदम के प्रभाव पर विचार-विमर्श चल रहा है। सूत्रों ने कहा कि इस मुद्दे पर विस्तार से समीक्षा की जरूरत है। कारोबार जगत के कई दिग्गजों सहित बड़ी संख्या में प्रयोगकर्ताओं ने इस कदम को लेकर चिंता जताई है। भारत में वॉट्सऐप के प्रयोगकर्ताओं की संख्या 40 करोड़ से अधिक है। भारत वैश्विक स्तर पर वॉट्सऐप के सबसे बड़े बाजारों में से है।

सूत्रों ने बताया कि वॉट्सऐप के नीति अपडेट का मौजूदा कानूनी रूपरेखा के परिप्रेक्ष्य में आकलन किया जाएगा। आईटी मंत्रालय ने अभी तक वॉट्सऐप से किसी तरह का स्पष्टीकरण नहीं मांगा है। हालांकि, इस बारे में जल्द फैसला हो सकता है। वॉट्सऐप की सेवा और निजता नीति में हालिया बदलाव को लेकर बहस छिड़ी है। वॉट्सऐप ने पिछले सप्ताह प्रयोगकर्ताओं को ‘इन-ऐप’ अधिसूचना के जरिए इन बदलावों की सूचना दी है। वॉट्सऐप ने कहा है कि उसके मंच का इस्तेमाल जारी रखने के लिए प्रयोगकर्ताओं को नई शर्तों तथा नीति पर आठ फरवरी तक सहमति देनी होगी।

इसके बाद वॉट्सऐप द्वारा फेसबुक के साथ प्रयोगकर्ताओं की सूचना को साझा करने को लेकर इंटरनेट पर बड़ी संख्या में ‘मीम्स’ चल रहे हैं। कई प्रयोगकर्ता वॉट्सऐप के प्रतिद्वंद्वी मंचों टेलीग्राम और सिग्नल पर स्थानांतरित हो रहे हैं। इस घटनाक्रमों के बीच वैश्विक स्तर पर इन मंचों के लाखों डाउनलोड हुए हैं।

कई प्रौद्योगिकी दिग्गजों मसलन एलन मस्क ने सिग्नल जैसे अन्य मंचों का इस्तेमाल करने की वकालत की है। भारत में कई उद्योगपतियों महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा, पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा और फोनपे के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) समीर निगम ने कहा है कि वे वॉट्सऐप के प्रतिद्वंद्वी मंचों पर स्थानांतरित होंगे।

महिंद्रा ने कहा कि उन्होंने सिग्नल को डाउनलोड किया है। निगम ने भी कुछ इसी तरह की बात कही है। वहीं पेटीएम के शर्मा ने ट्वीट किया है कि कब तक हमें मनमाना दोहरा मापदंड झेलना होगा।