आईएसआई
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मुंबई/भाषा। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) को लड़ाकू विमान संबंधी जानकारी मुहैया कराने के मामले में हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के एक कर्मी को गिरफ्तार किया गया है।

महाराष्ट्र पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि व्यक्ति भारतीय लड़ाकू विमान और उसकी विनिर्माण इकाई संबंधी खुफिया जानकारी आईएसआई को दे रहा था।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘राज्य आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) की नासिक इकाई को व्यक्ति के बारे में विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी। व्यक्ति आईएसआई के लगातार संपर्क में था।’

उन्होंने बताया कि व्यक्ति भारतीय लड़ाकू विमान और उसकी संवेदनशील विस्तृत जानकारी संबंधी खुफिया सूचना के अलावा नासिक स्थित ओझर में एचएएल विमान विनिर्माण इकाई, वायुसेना अड्डे और विनिर्माण इकाई में प्रतिबंधित क्षेत्र संबंधी जानकारी दे रहा था।

अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ शासकीय गोपनीयता कानून के उल्लंघन के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसके पास से पांच सिम कार्ड के साथ तीन मोबाइल फोन और दो मेमोरी कार्ड जब्त किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि फोन और सिम कार्ड को जांच के लिए फोरेंसिक साइंस प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारी ने बताया कि आरोपी को शुक्रवार को अदालत के समक्ष पेश किया गया था और उसे 10 दिन के लिए एटीएस की हिरासत में भेजा गया है।

एचएएल का नासिक स्थित विमान प्रभाग के-13 मिसाइलों और मिग-21 एफएल विमान के लाइसेंसी निर्माण के लिए 1964 में स्थापित किया गया था। यह नासिक से 24 किलोमीटर दूर ओझर में स्थित है।

इस प्रभाग ने मिग-21एम, मिग-21 बीआईएस, मिग-27 एम और अत्याधुनिक विमान सु-30 एमकेआई लड़ाकू विमान जैसे विमानों का भी निर्माण किया है। यह प्रभाग मिग शृंखला के विमानों और सु-30 एमकेआई विमान की मरम्मत का काम भी करता है।