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चीन ने जैव युद्ध छेड़ने के लिए बनाया कोरोना? भारतीय पत्रकार के दावे से भड़का ड्रैगन
 
चीन ने जैव युद्ध छेड़ने के लिए बनाया कोरोना? भारतीय पत्रकार के दावे से भड़का ड्रैगन
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

पणजी/दक्षिण भारत। कोरोना वायरस फैलाकर पूरी दुनिया के लिए मुसीबत खड़ी करने वाले चीन के खतरनाक इरादों की पोल जब एक भारतीय पत्रकार ने खोली तो यह पड़ोसी मुल्क बौखला गया। उसने समाचार पोर्टल पर पाबंदी लगा दी है।

यह मुद्दा सोशल मीडिया पर चर्चा में है और कई लोगों ने मांग की है कि कोरोना महामारी फैलाने और उद्दंड रवैए के कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चीन की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।

इस पोर्टल का नाम गोवा क्रॉनिकल है। जब उसने महामारी में दम तोड़तीं सांसों, बिलखते लोगों के लिए चीनी सरकार को जवाबदेह ठहराते हुए यह कहा कि कोविड-19 महामारी जैव युद्ध का हथियार है जिसके जरिए चीन विश्व पर अपना दबदबा कायम करना चाहता है।

इसके संपादक सेवियो रॉड्रिग्स ने चीन के राष्ट्र​पति शी जिनपिंग के नाम खुला खत लिखकर उन्हें जमकर आड़े हाथों लिया। इससे चीन तिलमिला गया और समाचार पोर्टल पर पाबंदी लगा दी।

गोवा क्रॉनिकल की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में लाखों लोगों की जान ले चुकी इस महामारी के पीछे चीन की भूमिका का पर्दाफाश करते हुए संस्थापक और प्रधान संपादक सेवियो रॉड्रिग्स ने शी जिनपिंग के नाम खुला खत लिखा था, जो भारत सहित कई देशों में पढ़ा गया।

रॉड्रिग्स ने एक समाचार चैनल पर चर्चा के दौरान दावा किया कि कोरोना महामारी वैश्विक प्रभुत्व हासिल करने के लिए बाकी दुनिया पर चीन द्वारा थोपा गया जैव युद्ध का एक हथियार है। यही नहीं, इस पोर्टल ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की विफलता को भी उजागर किया।

रॉड्रिग्स ने कहा कि चीन सरकार सच्चाई से डर रही है। उसके वैश्विक जैव युद्ध हथियारों का पर्दाफाश करने पर उसने हमारे पोर्टल पर पाबंदी लगाई है। हम चीन की दुष्टता को उजागर करते रहेंगे। हम विश्व नेताओं से अपील करते हैं कि वे चीन को दुष्ट राष्ट्र घोषित करें और उसका बहिष्कार करें।

रॉड्रिग्स ने कहा कि उनकी लड़ाई चीन के लोगों से नहीं है। वास्तव में, वे चीन की संस्कृति, खानपान, लगन से प्रेम करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई चीनी सरकार और उसके मुखिया शी जिनपिंग से है, जो वैश्विक शक्ति और प्रभुत्व पाने के लिए अपनी शैतानी वासना से दुष्ट बन गए हैं।

उन्होंने चीनी वैज्ञानिक डॉ. ली मेंग यांग का हवाला देते हुए कहा ​कि कोरोना वायरस प्रकृति से उत्पन्न नहीं हुआ, बल्कि जैव-युद्ध का मानव निर्मित हथियार है।