कोविड-19 के खिलाफ जंग में भारत की स्थिति बेहतर : शाह

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गुरुग्राम/भाषा
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि भारत कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से निपटने की जंग में “बेहतर स्थिति” में है और देश पूरी दृढ़ता एवं जोश के साथ इस बीमारी से लड़ेगा। शाह ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की वृहद पौधारोपण अभियान पहल में भाग लेने के बाद यह बात कही। सीएपीएफ ने इस माह के अंत तक देश भर के परिसरों में 1.37 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है।

शाह ने कहा, “दुनिया देख रही है कि अगर विश्व में कहीं भी कोरोना वायरस के खिलाफ सफलतापूर्वक लड़ाई लड़ी गई है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में लड़ी गई है।” उन्होंने कहा, “ऐसा डर था कि हमारे जैसे बड़े देश में इस चुनौती का सामना कैसे किया जाएगा ,जहां के शासन का ढांचा संघीय है, 130 करोड़ लोगों की घनी आबादी है और सत्ता की कमान की कोई एक श्रृंखला नहीं है।’’

उन्होंने यहां कादरपुर गांव में सीआरपीएफ अधिकारियों की प्रशिक्षण अकादमी के परिसर में पीपल के पेड़ का एक पौधा लगाने के बाद ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि देश के 130 करोड़ लोगों, सभी राज्यों और प्रत्येक व्यक्ति ने कोविड-19 के खिलाफ यह जंग एक राष्ट्र के तौर पर लड़ी। शाह ने कहा कि दुनिया भर में सरकारें इस बीमारी से लड़ रही हैं लेकिन हमारे देश में सब मिलकर इसका मुकाबला कर रहे हैं।

शाह ने विभिन्न सीएपीएफ प्रमुखों और सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा, “हम इस कोरोना वायरस लड़ाई में बेहतर स्थिति में हैं और इस जंग को दृढ़ता से लड़ना जारी रखेंगे तथा डर का कोई माहौल नहीं है। हममें इससे लड़ने का जुनून और इसे हराने का जोश है।” उन्होंने कहा कि देश का गृह मंत्री होने के नाते वह यह बात गर्व से कह सकते हैं कि देश के सुरक्षा बलों की भारत द्वारा लड़ी जा रही इस लड़ाई में “बड़ी भूमिका” है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 एक संक्रामक रोग है और यह मानवता के अस्तित्व को चुनौती देने वाला है।

सीएपीएफ और अन्य सुरक्षा एवं पुलिस बलों के ‘कोरोना योद्धाओं’ को सलाम करते हुए, मंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी ड्यूटी निभाने के साथ ही वैश्विक महामारी से लड़ने का काम कर एक नया उदाहरण पेश किया है। उन्होंने कहा कि सीएपीएफ के करीब 31 कर्मियों ने कोविड-19 ड्यूटी निभाते हुए अपनी जान दी है, जिसमें से 10 कर्मी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के थे। शाह ने कहा, “मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि आपका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। इसे स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा।”

पर्यावरण संरक्षण में पेड़ों के महत्व का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने इन बलों के कर्मियों से कम से कम एक पौधे को गोद लेने की अपील की और कहा कि वे पौधों के उनसे ऊंचा होने तक उनका संरक्षण सुनिश्चित करें।