भारत की आत्मनिर्भरता जल संसाधनों, जल संपर्क पर निर्भर: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विश्व जल दिवस पर ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन’ की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता जल संसाधनों तथा जल संपर्क पर निर्भर है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे खुशी है कि जलशक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और प्रयास भी बढ़ रहे हैं। आज पूरी दुनिया जल के महत्व को उजागर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय जल दिवस मना रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जल सिर्फ हर परिवार और खेती की जमीन के लिए नहीं, बल्कि जीवन के हर आर्थिक पहलू के लिए भी है। प्रभावी जल प्रबंधन के बिना तेज विकास असंभव है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में पानी की समस्या के समाधान के लिए ‘कैच द रैन’ की शुरुआत के साथ ही केन बेतवा लिंक नहर के लिए भी बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। अटलजी ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लाखों परिवारों के हित में जो सपना देखा था, उसे साकार करने के लिए ये समझौता अहम है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब हम जब तेज़ विकास के लिए प्रयास कर रहे हैं, तो ये वाटर सिक्योरिटी के बिना, प्रभावी वाटर मैनेजमेंट के बिना संभव ही नहीं है। भारत के विकास का विजन, भारत की आत्मनिर्भरता का विजन, हमारे जल स्रोतों पर निर्भर है, हमारी वाटर कनेक्टिविटी पर निर्भर है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हो या हर खेत को पानी अभियान, ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ अभियान हो या नमामि गंगे मिशन, जल जीवन मिशन हो या अटल भूजल योजना सभी पर तेजी से काम हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वर्षा जल का जितना बेहतर प्रबंधन करेगा उतना ही भूजल पर देश की निर्भरता कम होगी। इसलिए ‘कैच द रैन’ जैसे अभियान चलाए जाने और सफल होने बहुत जरूरी हैं।