प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख की गलवान घाटी में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को नमन किया है। उन्होंने इस घटना पर पहली बार बयान देते हुए देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि वीर सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत माता के वीर सपूतों ने गलवान घाटी में हमारी मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। मैं देश की सेवा में उनके इस महान बलिदान के लिए उन्हें नमन करता हूं, उन्हें कृतज्ञतापूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुख की इस कठिन घड़ी में हमारे इन शहीदों के परिजनों के प्रति मैं अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। आज पूरा देश आपके साथ है, देश की भावनाएं आपके साथ हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे इन शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। चाहे स्थिति कुछ भी हो, परिस्थिति कुछ भी हो, भारत पूरी दृढ़ता से देश की एक-एक इंच जमीन की, देश के स्वाभिमान की रक्षा करेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सांस्कृतिक रूप से एक शांति प्रिय देश है। हमारा इतिहास शांति का रहा है। भारत का वैचारिक मंत्र ही रहा है- लोकाः समस्ताः सुखिनों भवन्तु। हमने हर युग में पूरे संसार में शांति की, पूरी मानवता के कल्याण की कामना की है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने हमेशा से ही अपने पड़ोसियों के साथ एक सहयोगात्मक और मैत्रीपूर्ण तरीके से मिलकर काम किया है। हमेशा उनके विकास और कल्याण की कामना की है। जहां कहीं हमारे मतभेद भी रहे हैं, हमने हमेशा ही ये प्रयास किया है कि मतभेद विवाद न बनें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम कभी किसी को भी उकसाते नहीं हैं, लेकिन हम अपने देश की अखंडता और संप्रभुता के साथ समझौता भी नहीं करते हैं। जब भी समय आया है, हमने देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने में अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है, अपनी क्षमताओं को साबित किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि त्याग और तितिक्षा हमारे राष्ट्रीय चरित्र का हिस्सा हैं, लेकिन साथ ही विक्रम और वीरता भी उतना ही हमारे देश के चरित्र का हिस्सा हैं। मैं देश को भरोसा दिलाना चाहता हूं, हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे लिए भारत की अखंडता और संप्रभुता सर्वोच्च है, और इसकी रक्षा करने से हमें कोई भी नहीं रोक सकता। इस बारे में किसी को भी जरा भी भ्रम या संदेह नहीं होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन भारत को उकसाने पर हर हाल में निर्णायक जवाब भी दिया जाएगा। देश को इस बात का गर्व होगा कि हमारे सैनिक मारते-मारते मरे हैं।

बता दें कि बुधवार को विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कोरोना महामारी की रोकथाम संबंधी बातचीत से पहले प्रधानमंत्री ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद जवानों के लिए दो मिनट का मौन भी रखा।