प्रशिक्षित श्वानों की एक तस्वीर
प्रशिक्षित श्वानों की एक तस्वीर

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत ने बांग्लादेश को प्रशिक्षित घोड़े और श्वान उपहार में दिए

नई दिल्ली/ढाका/दक्षिण भारत। आतंकवाद को परास्त करने में आधुनिक हथियारों और तकनीक के साथ ही जानवरों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। खासतौर से, प्रशिक्षित श्वान आतंकियों और विस्फोटकों का पता लगाने में बहुत मददगार साबित होते हैं।

भारतीय सेना ने पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश के प्रति सहयोग बढ़ाते हुए उसे पूरी तरह से प्रशिक्षित 20 सैन्य घोड़े और बारूदी सुरंग का पता लगाने वाले 10 श्वान उपहार में दिए हैं। रक्षा मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इससे दोनों देशों की सेनाओं के संबंध और मजबूत होंगे।

ये घोड़े और श्वान, रेमाउंट और वेटरनरी कोर द्वारा प्रशिक्षित किए गए हैं। यही नहीं, इन्हें संभालने के लिए सेना ने बांग्लादेशी सेना के जवानों को प्रशिक्षित भी किया है। भारत-बांग्लादेश सीमा पर पेट्रापोल-बेनापोल एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) पर एक समारोह में ये उपहार बांग्लादेश को दिए गए।

सैन्य अधिकारियों के साथ प्रशिक्षित श्वान
सैन्य अधिकारियों के साथ प्रशिक्षित श्वान

इस अवसर पर भारतीय सेना के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रह्मास्त्र कोर के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल नरेंद्र सिंह खरौद ने किया। वहीं, बांग्लादेश सेना के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मेजर जनरल मोहम्मद हुमायूं कबीर ने किया। ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग के ब्रिगेडियर जेएस चीमा ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।

मेजर जनरल नरेंद्र सिंह ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से इन श्वानों ने अपनी क्षमता साबित की है। इन्हें बारूदी सुरंग और निषिद्ध पदार्थों का पता लगाने में महारत हासिल है। उन्होंने कहा कि हम बांग्लादेश जैसे मित्र देश की मदद करने के लिए हमेशा तैयार हैं।