प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। आर्थिक मोर्चे से देश के लिए अच्छी खबर आई है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था संभवत: उम्मीद से ज्यादा तेजी के साथ उबर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक ब्याज दरों में नरमी के रुख को अब छोड़ सकता है।

यह आकलन ऑक्सफोर्ड इकनॉमिक्स की एक रिपोर्ट में किया गया है। यह वैश्विक स्तर पर पूर्वानुमान लगाने वाली कंपनी है जो विभिन्न बिंदुओं के आकलन और विशेषज्ञों की राय के आधार पर कोई रिपोर्ट पेश करती है।

इसकी ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में मुद्रास्फीति औसतन छह प्रतिशत से अधिक रहेगी और केंद्रीय बैंक दिसंबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दरों को यथावत रखेगा।

रिपोर्ट में बताया गया है कि सब्जियों की कीमतों में इजाफे से अक्टूबर में खुदरा मुद्रास्फीति करीब साढ़े छह साल के उच्च स्तर 7.61 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर से कहीं अधिक है। बता दें कि सितंबर, 2020 में खुदरा मुद्रास्फीति 7.27 प्रतिशत पर थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 में मुद्रास्फीति को लेकर ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।