हैदराबाद। १८ साल की ऐना बेलेस्ट्रोस नाम की छात्रा के कॉलेज से लौटते ही रिश्तेदारों के कहने पर उसके पिता ने उसे अपने ही बगीचे के एक कोने में गा़डा दिया। यहां तक कि सबने उसे जिंदा ग़डवाने में मदद की। यहां उसे गा़डने की वजह न उसका कोई जुर्म था और ना ही उसने कोई गलत काम किया था मगर ‘इस सजा’’ की वजह थी उसका करंट की चपेट में आना। जी हां, शायद आपको विश्वास न हो लेकिन गले तक पूरी मिट्टी में सनी अपने ही गार्डेन में वह ३ दिन तक ग़डी रही। बताया जाता है कि रिश्तेदारों के इशारे पर उसके परिवार वालों ने उसे इस तरह से गा़ड दिया था। दरअसल, उस ल़डकी को मिट्टी में गा़ड कर एक तरह से उसका इलाज किया जा रहा था। चूंकि, कॉलेज से लौटते वक्त वह ल़डकी बिजली की चपेट में आ गई थी। उसे डॉक्टर के पास ले जाने से बेहतर गांव वालों और रिश्तेदारों ने मिट्टी में गा़डना बेहतर समझा।गांव वालों के मुताबिक, बिजली के चपेट में आए हुए इंसान को अगर मिट्टी में कुछ समय के लिए गा़डे रखो तो सारा दर्द गायब हो जाता है और इंसान के बचने के अवसर ज्यादा होते हैं क्योंकि मिट्टी से उर्जा मिलती है।