धार्मिक नारा नहीं ‘जय श्रीराम’, इसमें अन्याय और तुष्टीकरण के खिलाफ आवाज: शाह

केंद्रीय गृह ​मंत्री अमित शाह। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।
केंद्रीय गृह ​मंत्री अमित शाह। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बंगाल का चुनावी रण जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। इसी सिलसिले में पार्टी नेता पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में तृणमूल कांग्रेस को जमकर आड़े हाथों लिया।

शाह ने कहा कि ‘जय श्रीराम’ का नारा धार्मिक नारा नहीं है। इस नारे में विकास की भूख है। इसमें अन्याय के खिलाफ आवाज है, तुष्टिकरण के खिलाफ आवाज है। बंगाल में खुलेआम घुसपैठ होती है, कोई रोकता नहीं है। गौ-तस्करी होती है, कोई रोकता नहीं है। यह इसलिए क्योंकि ये किसी का वोटबैंक है।

शाह ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई की गंभीरता में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। जब से कोरोना भारत में आया तब से भारत ने सबसे अच्छी तरीके से लड़ाई कोरोना के खिलाफ लड़ी है। जहां पर भी कोरोना की दूसरी और तीसरी वेव आई है वो पहली वेव से ढाई से तीन गुना बड़ी है।

कोरोना का जो नया वायरस बना है वो तेजी से फैलता है। हमारे वैज्ञानिक इस पर तेजी से काम कर रहे हैं और सभी प्रकार के संसाधन जैसे ऑक्सीजन इंपोर्ट करने का निर्णय किया गया है।

शाह ने कहा कि जहां तक रेमेडिसिवर इंजेक्शन का सवाल है, उसके लिए भी हमने निर्यात पर तुरंत रोक लगाई। तीन गुना अधिक उत्पादन बढ़ाने के लिए सभी कंपनियों के साथ भारत सरकार ने बैठक कर निर्णय लिया है।

शाह ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो, उसको ट्रक में लेकर वोटबैंक की राजनीति करना, ये पैंतरा नहीं है? अल्पसंख्यकों को नागरिकता को लेकर उकसाना, ये पैंतरा नहीं है? जहां तक ऑडियो टेप का सवाल है, दीदी मुझे पत्र लिख दें, मैं कल जांच करवाता हूं।

शाह ने कहा कि कांग्रेस बहुत कंफ्यूज्ड है। कहीं कम्युनिस्ट के खिलाफ लड़ रहे हैं, कहीं उनसे दोस्ती कर रहे हैं। कहीं इंडियन मुस्लिम लीग उनकी पार्टनर है और महाराष्ट्र में शिवसेना उनकी पार्टनर है। मैंने ऐसी सेक्युलर पार्टी नहीं देखी।

शाह ने कहा कि मीडिया सीतलकुची की घटना की तह तक जाए तो उसका असली कारण पता चलेगा। इसी विधानसभा में ममता दीदी लोगों को उकसाती हैं कि बाहर आइए सीएपीएफ क्या होती है, उसे घेर लीजिए, जिसके बाद कुछ लोगों ने उनके उकसावे में आकर सीएपीएफ के हथियार छिनने की कोशिश की जिससे ये दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है।

शाह ने कहा कि बंगाल में कई और गंभीर मुद्दे भी हैं जैसे 30 प्रतिशत जनता फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर है, जूट उद्योग बंद हो गया, किसानों को 6,000 र. न मिलना, गरीबों को 5 लाख रु. का मुफ्त बीमा न मिलना।

विगत कुछ महीनों से हमने कोरोना सम्बंधित सभी प्रतिबंध लगाने के अधिकार राज्यों को दिए हैं, क्योंकि आज हर राज्य की स्थिति एक जैसी नहीं है। इसलिए कोरोना से लड़ने के लिए हर राज्य को अपने यहाँ की स्थिति के हिसाब से खुद निर्णय लेने होंगे और केंद्र सरकार उनकी पूरी मदद करेगी।

शाह ने कहा कि रेमडेसिविर का प्रोडक्शन अभी भी हमारे यहाँ प्रयाप्त मात्रा में हो रहा है, हमने एहतियातन एक्सपोर्ट को बैन किया है। लेकिन जब आपा धापी होती है तो लोग पैनिक बाइंग करते हैं जिससे कमी आती है। मैं सभी से अपील करता हूँ कि अगर डॉक्टर ने आपको कहा है तभी इस इंजेक्शन को लें।

शाह ने कहा कि कुंभ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं संतों से अपील की और संतों ने उनकी अपील को स्वीकार किया। जिसके बाद 13 में से 12 अखाड़ों ने कुंभ का विसर्जन किया और संतों ने जनता को भी कुंभ में न आने की अपील की। प्रधानमंत्री की पहल से कुंभ अब प्रतीकात्मक कुंभ में परिवर्तित हो गया, जो बहुत बड़ी बात है।