जेएसडब्ल्यू समूह के प्रमुख सज्जन जिंदल
जेएसडब्ल्यू समूह के प्रमुख सज्जन जिंदल

सज्जन जिंदल ने कहा- इधर सस्ते चीनी माल से कमाई, उधर जवानों की शहादत… यह नहीं हो सकता

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। पड़ोसी मुल्क चीन के लिए उसका विस्तारवादी रवैया और धोखाबाजी कर गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों पर हमला करना अब उसके लिए ही भारी पड़ता जा रहा है। चीनी माल के बहिष्कार की मुहिम भारत में ताकतवर होती जा रही है। अब तक बड़ी तादाद में लोगों ने यह ऐलान किया है कि वे सामान या ऐप के लिए स्वदेशी को प्राथमिकता देंगे और ड्रैगन पर ‘वॉलेट’ से वार करेंगे।

अब जेएसडब्ल्यू समूह ने भी चीन को सबक सिखाने की तैयारी कर ली है। समूह के प्रमुख सज्जन जिंदल ने आह्वान किया है कि चीन से आयात बंद करने के लिए उद्योगपतियों के बीच एकजुटता होनी चाहिए। ​उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे समय में जब चीन विश्वासघात कर एलएसी पर हमारे सैनिकों को शहीद कर रहा है, दोनों देशों के बीच पूर्व की भांति कारोबार जारी नहीं रह सकता।

बता दें कि सज्जन जिंदल के बेटे पार्थ जिंदल यह घोषणा कर चुके हैं कि समूह आगामी दो वर्षों में चीन से 40 करोड़ डॉलर का आयात बंद करेगा। इस तरह चीनी खजाने पर भारी-भरकम चोट पड़ना तय है।

पार्थ जिंदल ने बताया कि समूह द्वारा यह कार्रवाई 15 जून की रात को भारतीय भूमि पर हुई उस घटना के जवाब में की गई है जब चीनी फौज ने भारतीय सेना के जवानों पर अचानक हमला कर दिया था।

वहीं, चीन द्वारा स्वयं को ‘मासूम’ की तरह पेश करने और विस्तारवादी नीति के तहत दूसरों की जमीन पर नजर रखने की आदत को आड़े हाथों लेते हुए सज्जन जिंदल ने कहा कि हमारे सैनिक एलएसी पर उनके द्वारा मारे जाते रहें और हम अपने उद्योगों के लिए चीन से सस्ता कच्चा माल खरीदकर कमाई करते रहें, यह नहीं हो सकता।

सज्जन जिंदल ने वर्तमान परिस्थितियों में आह्वान करते हुए कहा कि यह हम सबके लिए एक मौका है कि हम एकसाथ आएं और मजबूत आत्मनिर्भर भारत के लिए काम करें। उन्होंने चीनी माल के अभाव में कारोबारियों को कम मुनाफे और कारोबार जारी रखने में आने वाली चुनौती का जिक्र करते हुए कहा कि यह स्थिति तब आई है जब हम अपने घरेलू आपूर्तिकर्ताओं को विकसित करने के बजाय आंख मूंदकर चीन के सस्ते आयात को स्वीकार करते रहे।

सज्जन जिंदल ने स्वदेशी उद्योगों की मजबूती से शक्तिशाली अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत निर्माण पर जोर देते हुए कहा, ‘आइए, गुणवत्ता और आकार हासिल करने के लिए हम घरेलू उत्पादकों का सम्मान करें। हमें अपने उत्पादों के प्रति विश्वास दिखाना होगा। हमें अपनी सशस्त्र सेनाओं और सरकार को समर्थन देना होगा और यह साबित करना होगा कि चीन के खिलाफ लड़ाई में हम उनके साथ खड़े हैं।’

बता दें कि जेएसडब्ल्यू समूह द्वारा की गईं उक्त घोषणाओं और आह्वान की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा है और देशभर से उन्हें समर्थन मिल रहा है। यूजर्स ने कहा है कि अन्य कारोबारी समूहों को भी आगे आना चाहिए और ऐसा ही संकल्प लेकर आत्मनिर्भर भारत निर्माण में भूमिका निभानी चाहिए।